कुछ संवर्गों के कर्मियों का ग्रेड वेतन केंद्र से अधिक
वेतन समिति की सिफारिशों के मुताबिक, राजकीय सेवा के कुछ संवर्गों के कर्मचारियों का ग्रेड पे केंद्रीय कर्मचारियों से भी अधिक है। इनमें सचिवालय सेवा संवर्ग भी शामिल हैं। मिसाल के लिए केंद्र सरकार में फार्मासिस्ट का सीधी भर्ती का पद 2800 ग्रेड पे का है, जबकि सरकार में यह 4200 ग्रेड पे का है। डिप्लोमा धारक जेई का 4200 ग्रेड पे का है, राजकीय सेवा में यह 4600 ग्रेड पे का है। केंद्र में पुलिस उपनिरीक्षक 4200 का ग्रेड पे पर भर्ती, जबकि राज्य में यह 4600 ग्रेड पर भर्ती होता और 2400 ग्रेड पे आरक्षी से प्रमोशन के माध्यम से भरा जाता है।
हम किसी भी वर्ग के खिलाफ नहीं : वित्त मंत्री
वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि सरकार हमेशा कर्मचारी हित में रही है। मंत्रिमंडल ने हाल में जो फैसला लिया है, वह राजकीय सेवा में आने वाले नए कर्मचारियों पर लागू होगा। वर्तमान कर्मचारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अग्रवाल ने कहा कि राज्य के वित्तीय संसाधन सीमित हैं। दूसरे राज्यों के पास हम से बहुत अधिक संसाधन हैं। हम राजस्व बढ़ाने और अपने खर्चों को सीमित करने पर जोर दे रहे हैं। हमारे आज के लिए गए फैसले भविष्य की चुनौती का सामना करने में मदद करेंगे।
फैसले से हित प्रभावित होंगे : संघ
कैबिनेट के फैसले के खिलाफ आंदोलित राज्य सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी का कहना है कि इससे कर्मचारी हित प्रभावित होंगे। उनका तर्क है कि इससे आने वाले दिनों में नए तरह की वेतन विसंगति पैदा हो जाएगी। भविष्य में सीधी भर्ती से आने वाले कार्मिक और पदोन्नति से अगले पद पर जाने वाले सेवारत कार्मिक के वेतनमानों को लेकर होने वाले विरोधाभास और विसंगति के बारे में स्पष्ट करना चाहिए।