त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रैक पर 31 रेस्क्यू टीम को कंकाल मिले हैं। एसपी ने पीएन मीणा ने अभी और कंकाल मिलने की आशंका व्यक्त की है। दो दलों के 22 सदस्य अभी भी कंकाल की तलाश में लगे है। डीएनए सैंपल लेने और अन्य औपचारिकताओं को पूरा कर कंकालों का दाह संस्कार कर दिया गया है।
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रेसक्यू से वापस लौटकर प्रेसवार्ता में एसपी श्री मीणा ने बताया कि त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रैक काफी दुर्गम है। केदारनाथ से किमी 6 के बाद कंकाल मिलने शुरू हो गए थे। लेकिन किमी 14 व 15 पर सबसे अधिक कंकाल पाए गए। यहां कुछ जगह पर चार से पांच कंकाल एक साथ पाए गए हैं।
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कंकालों की जो स्थिति थी, उससे लगता है कि आपदा के दौरान जान बचाने के लिए यहां पहुंचे यात्री एक ही परिवार के रहेे हो, जो जहां पर बैठे, वहीं पर दम तोड़ दिया। एसपी ने कहा कि जिस तरह से ट्रैक वाले क्षेत्र में मौसम और भौगोलिक परिदृश्य है, उससे लगता है कि मौत का कारण भूख, प्यास और अत्यधिक थकान रही हो। बताया कि ट्रैक से 5 से 150 सौ मीटर ऊपर-नीचे की तरफ तक कंकाल मिले हैं।
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कुछ कंकाल चट्टानी क्षेत्र में पाए गए हैं, जो संभवत: जंगली जानवरों के द्वारा वहां ले जाए गए हों। जबकि कुछ कंकाल पेड़ों के नीचे व खुले में मिले हैं। बताया कि तीन कंकाल पूरे शरीर के हैं। एसपी ने स्पष्ट कहा कि, जिस तरह से ट्रेक के मध्य क्षेत्र में कंकाल मिले हैं, उससे यहां और अधिक कंकाल होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
इस पूरे क्षेत्र में सघन रेसक्यू की जरूरत है। अभी तक जो 31 कंकाल मिले हैं, उसमें 23 का दाह संस्कार रविवार को और 8 का सोमवार को किया गया। दो दलों के 22 सदस्य अब भी वहां मौजूद है, जो कंकालों को खोजने में जुटे है।