प्रदेश में अपराधों को लेकर मंगलवार को डीजीपी अशोक कुमार ने जिले के कप्तानों से सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने सभी जिलों विशेषकर ऊधमसिंह नगर में साइबर अपराधों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। डीजीपी ने स्थिति को निराशाजनक बताते हुए ऊधमसिंह नगर के सीओ साइबर को चेतावनी जारी की। साथ ही 2019 और 2020 में इंस्पेक्टर रहे अधिकारी को निलंबित करने के आदेश दिए।
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि अब प्रत्येक माह के दूसरे और तीसरे सप्ताह अपराध को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा की जाएगी। इसमें सभी प्रकार के अपराधों की समीक्षा होगी। मंगलवार को भी सभी जिलों के कप्तान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से डीजीपी से जुड़े थे। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि वर्तमान में साइबर, महिला, यातायात, ड्रग्स के मामलों से ज्यादातर लोग प्रभावित हैं। ऐसे में उन्होंने कप्तानों को कहा की उन्हें संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। ताकि इन अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
ऊधमसिंह नगर के मामले में उन्होंने बेहद नाराजगी जताई। यहां पर साइबर अपराध के मामलों के निस्तारण की स्थिति बेहद निराशाजनक है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराधों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। इसके लिए एसएसपी एसटीएफ की ओर से एक प्रशिक्षण पुस्तिका बनाकर हर जनपद को भेजी जाएगी।
महिला हेल्पलाइन डेस्क तत्काल बनाई जाए
प्रत्येक थाना स्तर पर महिला हेल्प डेस्क को रिसेप्शन के रूप में इस्तेमाल करने का निर्देश डीजीपी ने दिया था। उन्होंने कहा कि इस आदेश पर तुरंत अमल किया जाए। साथ ही जनपदों में स्थापित ऐच्छिक ब्यूरो को भी सक्रिय किया जाए। महिला संबंधित अपराधों की जांच में उनकी भागीदारी बढ़ाई जाए।
हादसों में ज्यादा हो रहीं मौतें
डीजीपी ने कहा कि यातायात को सुचारु रूप से चलाने और यातायात संबंधित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। विशलेषण करने पर पता चला है कि सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। लिहाजा, ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण आवश्यक है, जहां ज्यादा हादसे हो रहे हैं। यह भी देखने में आया है कि जनपदों द्वारा ई-चालान की मशीनों का प्रयोग कम हो रहा है।
ड्रग तस्करी में लगेगा गुंडा एक्ट
डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि लगभग सभी जिलों में नशे के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। लेकिन कुछ जिलों में कार्रवाई को बढ़ाने की जरूरत है। इसके साथ ही जो लोग बार-बार अपराध में लिप्त पाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाए। साथ ही ढिंढोरा पिटवा कर जनता को इससे अवगत कराया जाए।