फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DGP के चहेते के लिए मेडल बना घर की दुकान

Thu, 02 Oct 2014 06:16 AM IST
अजित सिंह राठी/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तराखंड में सरकारी सेवाओं में सरायहनीय कार्यों के लिए मिलने वाले सम्मानों को घर की दुकान बना दिया गया है। डीजीपी बीएस सिद्धू के पीआरओ दिनेश नेगी को छह महीने में दो बार मेडल दे दिए दिए। जबकि नियमानुसार पहला पुरस्कार मिलने के छह साल बाद ही दूसरा मिल सकता है।
विज्ञापन


यह है नियम
पुलिसकर्मियों को पदक देने की नियमावली में स्पष्ट प्रावधान है कि सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह उसी को मिलेगा जिसका 12 साल का सर्विस रिकॉर्ड शानदार हो या फिर कोई विशिष्ट उपलब्धि।

इससे आगे का पुरस्कार उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह उसी पुलिसकर्मी को मिलेगा जिसे सराहनीय सेवा सम्मान मिले छह वर्ष हो चुके हो, या फिर कोई विशिष्ट उपलब्धि हो तभी समय से पहले मिल सकता है।
विज्ञापन


एक नहीं दो-दो सम्मान
दिनेश नेगी का मूल कैडर अभिसूचना इकाई है लेकिन वह एक साल से डीजीपी के पीआरओ है। 26 जनवरी 2014 को नेगी को सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह दिया गया और 15 अगस्त 2014 को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह। यह नियमतः तो गलत है ही, नैतिक तौर पर भी ठीक नहीं है।

इस बारे में सवाल इसलिए भी उठते हैं क्योंकि पुरस्कार फाइनल करने वाली कमेटी केअध्यक्ष भी डीजीपी है। इस बाबत डीजीपी का कहना है कि पुरस्कार निर्धारण के लिए कमेटी होती है, किसको कितनी बार मिला मुझे याद नहीं है, मैं इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें