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नम आंखों व भावुक गीतों के साथ भक्तों ने मां नंदा को किया कैलाश के लिए विदा

Fri, 06 Sep 2019 03:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घाट (चमोली)

सार

- रामणी गांव में तीन दिवसीय मेला शुरू
- महिला मंगल दलों ने ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां
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मां की स्तुति करते भक्तजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नंदा तेरी जात कैलाश लिजौला सजी-धजीक...ऊंचा कैलाश मां बेटी, कनक्वे रेली तू। जैसे भावुक गीत गाकर भक्तों ने मां नंदा को कैलाश के लिए विदा किया। इसी के साथ पर्यटन ग्राम रामणी में तीन दिवसीय नंदा मेले का सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुभारंभ हो गया है। इस दौरान विभिन्न गांवों की महिला मंगल दल की टीमों ने चांछरी, झुमेलो व लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। 

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रामणी गांव में मां नंदा की लोकजात यात्रा के दौरान आयोजित तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ विधायक प्रतिनिधि शंभू प्रसाद और निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य दर्शन सिंह ने किया। इस मौके  पर उन्होंने कहा कि पहाड़ की थाती और माटी से जुड़ाव ही मां नंदा के प्रति स्थानीय ग्रामीणों की सच्ची भक्ति है। इस दौरान महिला मंगल दल पाणा, ईराणी, रामणी, घूनी, पडेरगांव, कनोल, सुतोल, कांडा, जाखणी, धुर्मा, सैंती, सुंग, ल्वाणी, लुंतरा और कुरुड़ गांव की महिलाओं ने नंदा तेरी जात, लिजौला सजी-धजीके.., नंदा हिंवाली झुमेके लो.., मां नंदा की जात..., ऊंचा कैलाश मां बेटी, कनक्वे रेली तू.., नाच-नाच चंद्रावती, चंदन की चौकी... जैसे गीतों की प्रस्तुति दी। मेले में स्वास्थ्य विभाग, कृषि और उद्यान विभाग की ओर से अपने-अपने स्टॉल भी लगाए गए, जिसमें ग्रामीणों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मेला कमेटी की ओर से जिला स्तरीय वालीबाल और कैरम प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जा रहा है। इस मौके पर मेला कमेटी अध्यक्ष मोहन सिंह पंवार, संरक्षक पूर्व ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह, बसंती देवी, सूरज पंवार, रणवीर नेगी, नंदिता रावत, सुलोचना देवी, स्वांरी देवी, माहेश्वरी, नंदा बल्लभ गौड़, विनोद सती आदि मौजूद थे। संचालन दिनेश व विक्रम पंवार ने किया।

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लाटू देवता की अगुवाई में वेदनी बुग्याल पहुंची नंदा

वेदनी बुग्याल में पूजा-अर्चना के बाद नंदा लोकजात यात्रा संपन्न हो गई है।  बृहस्पतिवार सुबह सात बजे मां नंदा की लोकजात यात्रा शंख ध्वनि और गाजे-बाजे के साथ लाटू देवता की अगुवाई में गैरोली पातल से चलकर साढे़ नौ बजे वेदनी बुग्याल में पहुंची। देवी के वेदनी बुग्याल में पदार्पण करने पर भक्तों ने नंदा के जयकारे लगाए और पुष्प वर्षा की। वाण गांव की महिलाओं ने शानदार चांछरी नृत्य प्रस्तुत कर मां नंदा की अगुवाई की। इस दौरान हजारों भक्तों ने मां नंदा से क्षेत्र की सुख समद्घि का वरदान मांगकर देवी को नमन किया।

उसके बाद नंदा देवी वेदनी कुंड के पास पहुंची। वेदनी कुंड और महेश मर्दनी की परिक्रमा के बाद भव्य पूजा का आयोजन किया गया।  कई भक्तों ने मां नंदा के यात्रियों के लिए वेदनी बुग्याल में भंडारे का आयोजन किया था। इस दौरान वेदनी में वन विभाग और इंडिया हैक्स की टीम ने वहां से कूड़ा आदि उठाकर उसका निस्तारण किया। वेदनी में रूपकुंड महोत्सव का आयोजन भी किया गया। लोक कलाकार संगीता नेगी, कुदन सिंह सहित वाण गांव के लोगों और महिला मंगलदलों ने मां नंदा देवी के भजन-कीर्तन किए।

आदिबदरी नाथ में भक्तों ने की पूजा अर्चना
आदिबदरी धाम में देश विदेश के श्रृद्धालु भगवान की पूजा-अर्चना और दर्शनों के लिए भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को कर्नाटक, चीन, हांगकांग व आयरलैंड से आए भक्तों ने मंदिर प्रांगण में बैठकर ध्यान लगाया व महामृत्युंजय व गायत्री मंत्र का जाप करने के बाद भगवान को पूजा अर्पित की। चीन के कूसू, चिनयान, लोहान ने बताया कि वे पहली बार भारत में तीर्थों के दर्शन के लिए आए हैं।
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