तीर्थ पुरोहित व हकहकूकधारी फिर से लामबंद
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उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहित व हकहकूकधारी फिर से लामबंद हो गए हैं। बोर्ड पर सरकार के रुख से खफा चारों धामों के तीर्थ पुरोहित व हकहकूकधारियों ने आंदोलन का एलान कर दिया है। 21 जून से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जबकि 11 जून से चारों धामों के पुजारी, तीर्थ पुरोहित काली पट्टी बांध कर पूजा करेंगे।
देवभूमि तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत ने आंदोलन का एलान कर देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया है। वर्ष 2020 में पहली बार सरकार ने देवस्थानम बोर्ड का गठन किया था। उस समय भी तीर्थ पुरोहित व हकहकूकधारियों ने सरकार के फैसले का कड़ा विरोध किया था।
इसके बावजूद तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने फैसले से पीछे नहीं हटे। लेकिन सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने देवस्थानम बोर्ड के फैसले पर पुनर्विचार करने की बात कही थी। लेकिन अभी तक सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। जिससे तीर्थ पुरोहित व हकहकूकधारी नाराज हैं।
महापंचायत ने निर्णय लिया कि 11 जून को बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के अलावा जहां-जहां तीर्थ पुरोहितों के परिवार रहते हैं, वहां पर काली पट्टी एवं मुंह पर काला मास्क पहन कर अपना विरोध दर्ज करेंगे। 15 जून को चारों धामों में तीर्थ पुरोहित सांकेतिक उपवास रखेंगे। 20 जून को सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए हवन व यज्ञ किया जाएगा। 21 जून से चारों धाम में धरना एवं प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
हक हकूकधारियों ने फूंका पर्यटन मंत्री का पुतला
देवस्थान बोर्ड पर जारी पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के बयान से नाराज हक हकूकधारियों ने पुतला दहन कर आक्रोश जताया और सरकार से तत्काल बोर्ड भंग करने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर पर्यटन मंत्री की ओर से जारी बयान को वापस नहीं लिया गया, तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।