- हनोल व थैना मंदिर से लाए गए देवचिह्न व डोरिये
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कालसी। महासु देवता मंदिर हनोल व चालदा महासु देवता मंदिर थैना से देवचिह्न व डोरिये एक रात के प्रवास पर तहसील कालसी के ग्राम कोफ्टी में पहुंचे। इस दौरान ग्राम कोफ्टी में देव दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
जौनसार बावर क्षेत्र में प्रचलित मान्यता के अनुसार किसी भी परिवार की कोई मन्नत पूरी होने पर संबंधित परिवार के देवता को एक रात के प्रवास पर अपने घर ले जाने की परंपरा है। इसी परंपरा के तहत ग्राम कोफ्टी के भोपाल सिंह भंडारी मन्नत पूरी होने पर महासू देवता मंदिर हनोल तथा महासू चालदा देवता मंदिर थैना से देवचिह्न तथा डोरिये अपने घर लेकर आए। इस दौरान हनोल से देव डोरियां चालदा मंदिर दसऊ होते हुए वहां से फेडूलानी, पंंजीटिलानी, बोहा नराया, साहिया होते हुए कोफ्टी गांव पहुंचे।
थैना मंदिर से भी डोरियां बेसोगिलानी होते हुए ग्राम कोफ्टी पहुंचीं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने रास्ते में देवता का स्वागत करके उनके दर्शन किए। देव यात्रा के दौरान लोगों ने देवता पर पुष्प वर्षा की। ग्राम कोफ्टी में भी विभिन्न ग्रामों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन करके धर्म लाभ उठाया। इस अवसर पर देवता के वजीर बलदेव सिंह तोमर, पुजारी कृपाराम भट्ट, भंडारी भोपाल सिंह, हंसराम भंडारी, संजय भंडारी, बलबीर सिंह भंडारी, विनोद राजगुरु, नीटू राजगुरु, शशि पाल तोमर, प्रदीप तोमर, शूरवीर सिंह चौहान, दिनेश तोमर आदि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।