उन्होंने कहा कि आज चौबीसों घंटे सूचना का युद्ध चल रहा है। यह आपकी सोच, मूल प्रकृति और मूल्यों को प्रभावित करने का प्रयास करेगा। आप इस चुनौती का मजबूती से सामना करें और इस मंशा को कामयाब न होने दें।
उन्होंने कहा की वर्तमान दौर में युद्ध तकनीक का तेजी से विकास हुआ है। यह भारतीय सेना का युद्ध कौशल ही था कि हमारी रणनीति से महज 14 दिन के भीतर दुश्मन सेना के 90 हजार जवानों ने आत्मसमर्पण कर दिया था।
उन्होंने कहा कि अब अफसर बनने के बाद वह जवानों के बीच अपने रिश्ते और उनकी अहमियत को हमेशा ध्यान में रखें। देश के सम्मान और सुरक्षा के साथ ही आईएमए जैसे संस्थान की गौरवान्वित करने वाली छवि भी उनके साथ है।