मंत्री ने कहा कि प्रतिनियुक्ति अध्ययन के लिए जाने वाले, राज्य का नाम रोशन करने के लिए जाने वाले या फिर कुछ अन्य मामलों में दी जाती है, लेकिन पांच साल से ज्यादा समय तक नहीं दिया जा सकता है। इस तरह के सभी शिक्षकों को नोटिस जारी किया जाएगा। इन्हें यह भी कहा जाएगा कि अपनी सेवाएं, वहीं ले जाएं जिस राज्य में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
दिल्ली, यूपी, बिहार में सेवा दे रहे यह शिक्षक
विधानसभा में यह प्रकरण सामने आया था। बताया गया कि राज्य के विभिन्न सरकारी स्कूलों के शिक्षक राज्य से बाहर विभिन्न प्रदेशों में प्रतिनियुक्ति पर हैं। इनमें जीआईसी बाडा डांडा पौड़ी में प्रवक्ता डाॅ. विनोद कुमार मिश्रा वर्ष 2017 से सर्व शिक्षा अभियान अब समग्र शिक्षा अभियान इलाहाबाद उत्तर प्रदेश में समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं। जीआईसी भीमताल नैनीताल में प्रवक्ता जगन्ननाथ पांडेय प्रमुख सचिव यूपी के आदेश पर अप्रैल 1998 से आंबेडकर नगर उत्तर प्रदेश में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इसी तरह कुछ अन्य शिक्षक दिल्ली और यूपी में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
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अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था मामला
उत्तराखंड के शिक्षकों के यूपी, बिहार में सेवा देने के मामले को अमर उजाला ने शुक्रवार 17 मार्च के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।