केदारनाथ आपदा में सड़कों को सही करने के लिए युद्घ स्तर पर काम करवाने वाले ठेकेदार अब निराश हैं।
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विभागों ने आपदा के दौरान मानवता का वास्ता देकर उनसे काम तो करा लिया, लेकिन बजट न मिलने से अभी तक ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया।
18.33 करोड़ रुपए बकाया
विभागों पर ठेकेदारों का 18.33 करोड़ रुपए बकाया हो गया है। 16/17 जून को आई आपदा में 70 से ऊपर मार्ग अवरुद्ध हो गए थे। करीब दो दर्जन छोटे-बड़े पुल भी बह गए। सड़क मार्ग से कट गए गांवों में यातायात खोलने के लिए शासन द्वारा कार्य कराया गया।
लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से नदियों को पार करने के लिए ट्राली लगाई गई। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग के वैकल्पिक मार्ग को खोलने के लिए सैकड़ों मजदूर लगाए गए।
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यह सारा काम लोनिवि ने उधारी में करवाया गया। अब ठेकेदार रोज लोनिवि आफिस पहुंचते हैं तो अधिकारियों से यही जवाब मिलता है कि बजट आ रहा है, भुगतान किया जाएगा।
क्या कहते हैं लोग
आपदा आने पर सरकार ने दावा किया था कि धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। यदि सरकार समय पर लोनिवि को बजट देती तो और तेजी से काम होता।
- आशीष नेगी, जिलाध्यक्ष भाजयुमो
हमसे लोनिवि ने काम करवाया। सड़क खोलने के लिए मजदूरी और सामान खरीदने में लाखों रुपये खर्च हो गए। लोनिवि से धनराशि न मिल पाने के कारण दुकानदारों और अन्य लोगों की देनदारी हो गई। भुगतान समय में नहीं आ रहा, कहां से उधार चुकाएं।
- रजत सिंह ठेकेदार
क्या कहते हैं अधिकारी
अभी तक सर्किल को 5.41 करोड़ रुपए मिले हैं जबकि अभी जरूरत 18.33 करोड़ रुपए की है। शासन से बजट की डिमांड की गई है।
- केके श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता लोनिवि
लोनिवि सर्किल से डिमांड आई है। फंडिंग किस मद में होना है, यह अभी तय नहीं हुआ है।
- दिलीप जावलकर, अपर सचिव, लोनिवि
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