दून शहर में डेंगू संक्रमण दिल्ली के रास्ते आ रहा है। इसके साथ ही हरिद्वार और सहारनपुर के रोगी भी राजधानी के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
इससे मेन-टू-मेन डेंगू संक्रमण फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। दून अस्पताल में डेंगू के चार रोगी भरती हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा गुरपाल सिंह का कहना है कि रोगी के घर के आसपास दवा का छिड़काव करा दिया जाता है।
चार रोगियों का इलाज
सीएमआई में डेंगू के चार रोगियों का इलाज चल रहा है। इनमें दो रोगी दिल्ली से संक्रमित होकर आए हैं। हरिद्वार के तीन रोगी दून अस्पताल में भरती हैं।
इनमें कंसलरोड मायापुरी के रहने वाले रोगी गंगाप्रसाद (60), अशोक गुप्ता पुत्र बीआर गुप्ता और दुर्गेश सिंह पुत्र महेंद्र सिंह हैं। कोटद्वार से आईं डेंगू रोगी नीतू कुकरेती को दून अस्पताल में भरती किया गया है।
डेंगू के संदिग्ध रोगी
रोगी का इलाज सीनियर फिजिशियन डा महावीर सिंह के अंडर में चल रहा है। इसके अलावा अन्य नर्सिंग होमों में भी डेंगू के संदिग्ध रोगियों का इलाज चल रहा है।
रोगियों से मेन-टू-मेन रोग फैलने का अंदेशा है। डाक्टरों का कहना है कि अगर एडीज एजिप्टाई मच्छर डेंगू रोगी को काटकर किसी सामान्य व्यक्ति को काट लेगा तो उसे संक्रमण हो जाएगा।
दवा का छिड़काव
मुख्य चिकित्साधिकारी डा गुरपाल सिंह का कहना है कि इसके लिए दवा का छिड़काव तो कराया ही जाएगा साथ ही लोगों से अपील है कि घर के अंदर पानी भरा न रहने दें। फ्रिज की ट्रे, एसी वगैरह चेक करते रहें।