फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

OMG: आम मच्छर के काटने से भी फैल रहा है डेंगू

Tue, 22 Sep 2015 01:23 PM IST
अनिल चंदोला/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
सामान्य मच्छर के काटने से भी स्वस्थ व्यक्ति को डेंगू हो सकता है। यह बात सुनने में अजीब जरूर लगती है, लेकिन है सोलह आने सच।
विज्ञापन


मेडिकल साइंस भी इस बात से इत्तेफाक रखता है। कई अन्य बीमारियों की तरह डेंगू में भी आम मच्छर वायरस के संवाहक की भूमिका निभाता है, जो स्वस्थ व्यक्ति को काटने पर डेंगू का मरीज बना सकता है।

ऐसे में डेंगू की आशंका वाले रोगी को मच्छरों से बचाया जाना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि डेंगू के मरीज को 24 घंटे मच्छरदानी में सुलाया जाए। डेंगू सामान्य तौर पर एडीज प्रजाति के मच्छरों के काटने से होता है।
विज्ञापन


आमतौर पर मादा एडीज मच्छर इसके वायरस फैलाती है, जो दिन में काटती है। एडीज एजिपटाई और एडीज एल्बोपेक्टस मच्छरों की प्रजाति डेन वायरस फैलाते हैं, जो डेंगू का कारण बनते हैं। इसमें तीव्रता के अनुसार डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 वायरस होते हैं।
विज्ञापन

तीन से पांच दिन में दिखते हैं लक्षण

जैसे ही कोई मादा एडीज मच्छर स्वस्थ व्यक्ति को काटती है, यह उसके खून में डेन वायरस छोड़ देती है। ऐसे में वायरस संक्रमित रोगी को अगर सामान्य या किसी दूसरी प्रजाति का मच्छर काट ले तो वह भी डेन वायरस से संक्रमित हो जाता है।

इसके बाद वह जिस भी व्यक्ति को काटेगा, उसमें डेन वायरस फैला देगा। अस्पतालों में इसीलिए डेंगू पीड़ित मरीजों को उपचारित मच्छरदानी के भीतर रखा जाता है।

आमतौर पर डेंगू के शुरुआती लक्षण मच्छर के काटने के तीन से पांच दिन बाद दिखते हैं। इसका संक्रामक काल तीन से 10 दिन का होता है। इस अवधि में उचित देखभाल और दवा से मरीज का बुखार उतर जाता है। सावधानी न बरते जाने पर इसी अवधि में रोग बढ़ जाता है।

मच्छर डेंगू के वायरस को एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से पहुंचा देता है। यही कारण है कि डेंगू की आशंका वाले और पीड़ित को हमेशा मच्छरदानी से में रखा जाता है, ताकि उसे काटकर अन्य मच्छर संक्रमित न हों और रोग अन्य लोगों को न फैले।
- डॉ. प्रवीण पंवार, वरिष्ठ फिजिशियन, दून अस्पताल
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें