डेंगू के मरीज भले ही कम हो गए हैं, लेकिन लोगों में इसका खौफ अब तक बरकरार है। हालत यह है कि सामान्य बुखार में भी मरीज डेंगू की जांच करवा रहे हैं। गत दिनों राजधानी में डेंगू ने विकराल रूप ले लिया था। दून अस्पताल, गांधी शताब्दी और कोरोनेशन में बड़ी तादात में इसके पीड़ित पहुंच रहे थे। तीनों अस्पतालों में जांच के लिए मरीजों को एक-दो दिन का इंतजार करना पड़ रहा था।
औसतन सौ में से साठ प्रतिशत से भी ज्यादा मरीजों को डेंगू पॉजिटिव आ रहा था। लेकिन अब ठंड बढ़ने से इनकी सख्या कम हुई है। हालांकि अस्पतालों में अन्य मरीजों की संख्या कम नहीं हुई है। लेकिन इनमें अधिकतर वायरल से पीड़ित हैं। इनमें डेंगू का खौफ इस कदर हावी है कि वह डेंगू टेस्ट करवा रहे हैं।
इस संबंध में गांधी शताब्दी के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. प्रवीण पंवार ने बताया कि डेंगू का प्रकोप अब ज्यादा नहीं है। वायरल, खांसी, जुकाम के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। फिर भी एहतियातन हर मरीज की डेंगू जांच कराई जा रही है।
कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एनएस बिष्ट ने बताया कि पहले की अपेक्षा अब डेंगू का प्रकोप कम हुआ है। दून अस्पताल के चिकित्सक अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि डेंगू पॉजिटिव आने पर मरीज प्लेटलेट्स की मांग कर रहा है। हालांकि अस्पताल में इसकी कुछ कमी है, फिर भी उन मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है जिन्हें जरूरत है।
नया गांव पेलियो, पेलियो नत्थूवाला और इससे सटे आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में लोगों के वायरल व डेंगू की चपेट में होने की खबर से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य महकमे ने बुधवार को इन क्षेत्रों में सर्वे कर डेंगू का लार्वा नष्ट किया और जरूरी दवाएं भी बांटी। डेंगू के लक्षणों वाले मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर एलाइजा जांच कराने की व्यवस्था की गई है।
अमर उजाला ने बुधवार के अंक में 800 से अधिक लोगों के बुखार की चपेट में होने की खबर प्रकाशित की थी। आननफानन में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश चौहान के नेतृत्व में चार टीमें गठित कर आशाओं और जिला समन्वयक के माध्यम से क्षेत्र का दौरा किया। इन टीमों ने अल्कापुरी, भूड़पुर, चकमम्माह, सिंघनीवाला, पेलियो, मल्हान, रत्नपुर आदि ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण किया।
यहां पर खुले स्थानों पर जहां भी पानी जमा था, वहां डेंगू लार्वा को नष्ट किया गया। साथ ही आशाओं के माध्यम से लोगों को डेंगू की रोकथाम और इलाज व बचाव के प्रति जागरूक किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह इससे संबंधित पोस्टर बैनर भी लगाए गए। इसके अलावा नगर निगम की टीमों ने क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर फॉगिंग भी की।
पीएचसी नया गांव में लिए जाएंगे सैंपल
देहरादून। क्षेत्र में वायरल और डेंगू फैलने की खबर का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नया गांव पेलियो स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में जरूरी व्यवस्थाएं कर दी हैं। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश चौहान ने बताया कि पीएचसी नया गांव में पर्याप्त मात्रा में पैरासीटामोल की दवा उपलब्ध करा दी गई है। पीएचसी में डेंगू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेने की व्यवस्था की गई है। वहां से सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए दून अस्पताल, कोरोनेशन, गांधी शताब्दी या रायपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
झोलाछाप कर रहे कमाई
क्षेत्र में फैले बुखार का झोलाछाप भी खूब फायदा उठा रहे हैं। डेंगू के नाम पर लोगों से मोटी कमाई की जा रही है। कई झोलछाप ने तो डेंगू ठीक करने के नाम पर बाकायदा 14 हजार से 15 हजार रुपये तक के पैकेज बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था झोलाछाप डॉक्टरों के भरोसे है। पेलियो के अनुज बंसल ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और इलाज की उचित व्यवस्था नहीं है। ज्यादातर लोग झोलाछापों से ही उपचार कराते हैं।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भी बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। ग्रामीणों से मिलने के बाद धस्माना ने दावा किया कि क्षेत्र में 1500 से अधिक लोग डेंगू, वायरल और टाइफाइड की चपेट में हैं। नया गांव पेलियो में ऐसा कोई घर नहीं है, जहां कोई बुखार से बचा हो।
धस्माना ने मौके से ही मुख्य सचिव उत्पल कुमार से बात की और मांग की है कि बीमारी पर नियंत्रण के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए। धस्माना ने मुख्य सचिव को फोन पर ही कई पीड़ित परिवारों के सदस्यों के नाम भी बताए। उन्होंने कहा कि लोगों में स्वास्थ्य विभाग के रवैये के प्रति बहुत नाराजगी है। मुख्य सचिव ने धस्माना को आश्वस्त किया कि इस पर उचित व त्वरित कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इस मौके पर उनके साथ हुसैन अहमद, लेख राम, अनुज दत्त शर्मा, हाजी जाहिद, अनुज बंसल, परवेज आदि शामिल रहे।
फिर से फॉगिंग करे नगर निगम: राजकुमार
देहरादून। राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा है कि राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में डेंगू और वायरल अभी समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग बंद कर दी है। सफाई व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अगर प्रशासन अब भी नहीं चेता तो शीघ्र ही कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। इस संबंध में पूर्व विधायक राजकुमार ने नगर आयुक्त और मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भी लिखा है।
कीटनाशक का छिड़काव कराया जाए: खेमचंद गुप्ता
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के आमंत्रित सदस्य एवं स्थानीय निवासी खेमचंद गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार से मांग है कि शिमला रोड के बड़ोवाला से लेकर गणेशपुर, रतनपुर, नयागांव, बूढ़पुर आदि गांवों में कीटनाशक दवा का छिड़काव करवाया जाए। कहा कि सिंघनीवाला आसन नदी पर कूड़ा प्लांट बनने से पानी के दूषित हो रहा है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं।