सावधानी बरतें, एहतियाती उठाएं
जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी का कहना है कि अभी तो समय समय पर जोरदार बारिश हो रही है। ऐसे में डेंगू का लार्वा पनपने से पहले ही नष्ट हो रहा है, लेकिन यदि बारिश थमने के साथ ही धूप निकलती है तो एक बार फिर मलेरिया और डेंगू का प्रकोप तेजी से फैल सकता है। ऐसे में कुछ एहतियाती कदम उठाकर बीमारियों से बचा जा सकता है।
डेंगू के लक्षण
- मरीज को तेज बुखार (105 फारेनहाइट तक) होता है।
- गंभीर सिरदर्द होता है।
- मरीज के हड्डियों, शरीर के सभी जोड़ व मांसपेशियों में गंभीर दर्द होता है।
- मरीज को चक्कर आने लगता है।
- मरीज को उल्टियां शुरू हो जाती है।
- स्थिति गंभीर होने पर मसूड़ों व नाक से खून आने लगता है।
ऐसे करें डेंगू, मलेरिया से बचाव
- जहां भी पानी जमा हो, उसमें मिट्टी का तेल, डीजल या जला मोबिल डाल दें।
- घर के आसपास पानी जमा हो तो उसमें नीम की पत्ती, नीमकौड़ी डाल दें।
- घर में पोंछा लगाने के लिए फिनाइल का इस्तेमाल करें।
- शाम होने के बाद पूरी आस्तीन का कपड़ा पहनें। हाथ पैर कतई खुला न छोड़े।
- कूलर हटाने के साथ ही पानी निकाल दें।
- संभव हो तो मच्छरदानी लगाकर सोएं।
कपूर, नारियल तेल मिलाकर शरीर पर लगाएं
मच्छरों से बचने के लिए क्वाइल, अगरबत्ती का इस्तेमाल करने के बाद भी राहत न मिले या इनके प्रयोग से उलझन हो रही हो तो नारियल तेल में कपूर मिलाकर थोड़ा थोड़ा हाथ, पैर, गरदन में लगाएं। कपूर की गंध से मच्छर दूर रहते हैं और त्वचा को भी इसका लाभ मिलता है।