राजधानी देहरादून के अस्पतालों में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। अधिकतर मरीज घनी मलिन बस्तियों के हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अभियान चलाने के लिए कालोनियों का चिह्नीकरण नहीं कर सके हैं।
चल रही फॉगिंग और जागरूकता अभियान
स्थिति यह है कि अभी सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों में फॉगिंग और जागरूकता अभियान चल रहा है, जहां से डेंगू के मरीजों की सूचनाएं मिल रही हैं। बाकी क्षेत्रों में निगम और स्वास्थ्य महकमे को डेंगू की बीमारी का इंतजार है।
जिले में अब तक 29 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से सात दून अस्पताल में भर्ती हैं। 19 अन्य संदिग्ध मरीजों की एलाइजा रिपोर्ट सोमवार तक आने की उम्मीद है। डेंगू से पीड़ित अधिकतर मरीज डालनवाला से सटी संजय कॉलोनी, आजाद कॉलोनी और रिस्पना बस्ती के हैं।
ब्राह्मणवाला, दीपनगर और अजबपुर के कुछ लोगों में भी डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम इन्हीं क्षेत्रों में फॉगिंग, जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर रहे हैं। बाकी क्षेत्रों में कोई कवायद शुरू नहीं हो सकी है।
जिला रोग नियंत्रण अधिकारी डॉ. जगदीश बहुगुणा ने बताया कि रविवार को भी ब्राह्मणवाला और संजय कॉलोनी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण कर पैरासिटामोल की दवाएं बांटी हैं। इन स्थानों पर फागिंग कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
दून अस्पताल में मुफ्त इलाज
दून अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए 11 अतिरिक्त बेड बनाए गए हैं। अलग से आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि डेंगू मरीजों की जांच मुफ्त की जा रही हैं। रोगियों को प्लेटलेट्स भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
डेंगू के लक्षण
- ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार
- मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द
- आंखों के पिछले हिस्से में तेज दर्द
- अत्यधिक कमजोरी महसूस होना, भूख न लगना
- गले में दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते आना
ऐसे करें बचाव
- लक्षण का पता लगते ही पीड़ित को पैरासिटामोल की गोली दें
- रोगी को सामान्य रूप से भोजन देना जारी रखें
- मरीज को अधिक से अधिक पानी पिलाएं
- जांच के लिए समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं
रखें ध्यान
- डेंगू का मच्छर शाम के समय ही काटता है, ऐसे में शाम को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
- यह मच्छर साफ और जमा पानी में पनपता है, घर और आफिस के आसपास पानी जमा न होने दें
- गड्ढों को मिट्टी से भर दें और रुकी हुई नालियों को साफ कर दें
- रूम कूलर और फूलदानों का पानी सप्ताह में एक बार खाली कर सुखाएं
- पानी की टंकियों को सही तरीके से ढककर रखें
- मच्छरदानी और मच्छर से बचाने वाली क्रीम का प्रयोग करें
- आसपास भरे पानी में केरोसिन या पेट्रोल डाल दें