44 लोग आ चुके हैं डेंगू की चपेट में
दून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा के मुताबिक मई से अब तक 44 लोगों में डेंगू की प्रामाणिक पुष्टि हो चुकी है। आमतौर पर डेंगू के मामले सितंबर के बाद देखने को मिलते हैं लेकिन मौसम बदलने की वजह से डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं। दून में डेंगू के लिए 10 हॉटस्पॉट भी चिह्नित किए गए हैं।
मादा मच्छर अंडों के विकास के लिए हुए सक्रिय, आउटब्रेक का खतरा
डीएवी कॉलेज के जंतु विज्ञान विशेषज्ञ सुनील कुमार बताते हैं कि डेंगू के मरीज समय से पहले सामने आने के पीछे की वजह से मादा मच्छरों के लिए सुगम मौसम परिस्थितियां हैं। मादा मच्छर अपने अंडों के विकास के लिए मनुष्य का खून चूसती हैं। इस दौरान वह पैरासाइट उनके शरीर में ही छोड़ देती हैं। चार तरह के मादा मच्छर ही डेंगू वायरस की वजह बनते हैं। इसमें ऐडीज इजिप्टी, एडीज एल्बोपिक्टस, एडीज पॉलीनेसिएंसिस और एडीज स्कुटेलारिस शामिल हैं। बताया कि इस सीजन बार-बार बदलता मिजाज डेंगू के आउटब्रेक की वजह बन सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहना होगा।
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ऐसे करें बचाव
1- शरीर का ढककर रखें
2- घर के आस-पास पानी एकत्रित न होने दें