सक्षम अधिकारी के न मिलने पर चकराता तहसील में प्रदर्शन करते लोग।
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चकराता। जौनसार बावर की तीन तहसील चकराता, कालसी व त्यूणी में एक उपजिलाधिकारी व एक तहसीलदार के तैनात होने के चलते सारी व्यवस्था डगमगाई हुई हैं। मंगलवार को ग्रामीण चकराता तहसील में अपने निपटाने पहुंचे तो सुबह से लेकर दोपहर पौने एक बजे तक वहां कोई सक्षम अधिकारी नहीं मिला। तहसील में मात्र कुछ संविदा कर्मचारी नजर आए। जिस पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
लोगों का कहना है कि चकराता तहसील में रोजाना यही हाल है। तहसील में अधिकारी मिलते ही नहीं हैं। उपजिलाधिकारी चकराता के जनवरी में मातृत्व अवकाश पर चले जाने के बाद नए उपजिलाधिकारी अभिनव शाह चकराता आए तो कुछ दिन व्यवस्था सही चली। अप्रैल में उनके कुंभ ड्यूटी चले जाने के बाद से चकराता और त्यूणी का चार्ज कालसी की उपजिलाधिकारी संगीता कन्नौजिया के पास है। वहीं तीनों तहसीलों का चार्ज भी एक तहसीलदार के पास है। जब लोगों ने उनसे फोन पर बात की तो उन्होंने कहा वह दस तारीख तक मेडिकल अवकाश पर हैं। सामाजिक कार्यकर्ता तीर्थ कुकरेजा, यशपाल रावत, केशर चौहान, युवराज तोमर आदि का कहना है कि जब सरकार जौनसार के केंद्र बिंदु चकराता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में अधिकारी तैनात नहीं कर रही है, तो अन्य इलाकों का क्या हाल होगा। इसका सहज ही अंदाज लगाया जा सकता है। प्रदर्शन करने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष चकराता केशर चौहान, युवराज तोमर, मनमोहन सिंह, तीर्थ कुकरेजा, हरमोहन, भगत सिंह, यशपाल सिंह आदि थे।