पर्यटन की अपार संभावना समेटे धनोल्टी विधानसभा के नैनबाग तहसील का सेंदूल गांव आज तक देश के पर्यटन मानचित्र पर नहीं आ सका है। ग्रामीणों ने जिला पर्यटन अधिकारी को पत्र भेजकर गांव को पर्यटन ग्राम घोषित करने की मांग की है। गांव में पहाड़ी शैली में बने घर होम स्टे के रूप में संचालित हो रहे हैं। हालांकि यहां जानकारी होने पर पर्यटक आ रहे हैं लेकिन अगर सरकार इसे पर्यटन ग्राम घोषित करदे तो गांव का विकास होने के साथ ही गांव पर्यटन मानचित्र पर भी आ जाएगा।
सेंदूल गांव के प्रधान राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गांव को पर्यटन ग्राम घोषित करने के लिए शासन-प्रशासन से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। सेंदूल गांव में ई ऐसे दर्शनीय स्थल मौजूद हैं जो पर्यटकों को लुभा सकते हैं। देश के कई राज्यों से पर्यटक गांव में आकर रुक भी रहे हैं। उन्होने पर्यटन विभाग सेंदूल को पर्यटन ग्राम घोषित करने की मांग की जिससे इसका लाभ गांव के लोगों को मिल सके। अपर निदेशक पर्यटन उत्तराखंड विवेक सिंह चौहान ने बताया कि उत्तराखंड सरकार की क्लस्टर होम स्टे योजना के तहत गांव में करीब छह होम स्टे पर्यटन विभाग में पंजीकृत होने चाहिए। ग्राम प्रधान का पत्र मिला है जो भी संभव होगा किया जाएगा।
पर्यटकों को लुभाएंगे दर्शनीय स्थल
- कांडी -त्यूडिया थात से नागथात मंदिर तक पर्यटन ट्रेकिंग रुट, सेंदूल बाइपास के निकट शिव मंदिर के नीचे सौ मीटर गुफा दर्शन, सेंदूल के गोठिया थात,बनाण तोक, खलियाण तोक, विदोगी तोक ,दणाच तोक ,टाणसीय थात, रघुनाथ मंदिर तक ट्रेकिंग रुट दूरी करीब तीन किलोमीटर ,सेंदूल में खूबसूरत पहाङी शैली के बने होम स्टे,गांव के आसपास क्षेत्र में खूबसूरत देवदार के जंगल और प्राकृतिक रुप से खूबसूरत घाटी मौजूद हैं।