राज्य आंदोलन का नारा ‘बोल पहाड़ी हल्ला बोल’ शनिवार को एक बार फिर देहरादून की सड़कों पर गूंज उठा।
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सांस्कृतिक और रंगकर्मियों ने पहाड़ी भाषाओं की अकादमी बनाने, मुजफ्फरनगर कांड के लिए सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह पर मुकदमा चलाने की मांग के साथ घंटाघर से शहीद स्मारक तक रैली निकाली।
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उत्तराखंड पर्वतीय राज्य मंच के तत्वावधान में गांधी पार्क से रैली शुरू हुई। दर्शनलाल चौक, तहसील चौक होते हुए रैली कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर समाप्त हुई।
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यहां मंच के संयोजक आशुतोष ममगाईं ने कहा कि सरकार पंजाबी और उर्दू अकादमी बनाने जा रही है, लेकिन गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी व जौनपुरी लोकभाषाओं की अनदेखी जा रही है।
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उन्होंने लोकभाषाओं की अकादमी बनाने और हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर को उत्तराखंड से बाहर करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मैदानी जिलों का ही राज्य बन गया है। 2006 के परिसीमन में पहाड़ की 6 विधानसभा सीटें हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर को दे दी गई।
खटीमा, मसूरी, मुजफ्फरनगर कांड के 20 साल बाद भी शहीदों के कातिल खुले घूम रहे हैं। इस दौरान अनुज जोशी, आशुतोष
ममगाईं, सुशील राणा, गिरीश सनवाल विजय भारती, सुरेंद्र राणा, सचिन थपलियाल, अभिषेक मुंदोला आदि मौजूद थे।