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मार्कंडेय काटजू के लिए मुसीबत बने खुद के बिगड़े बोल!

Thu, 23 Jul 2015 01:46 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार (रोशनाबाद)
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प्रेस काउंसिल के पूर्व चेयरमैन जस्टिस (रिटायर्ड) मार्कंडेय काटजू के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक लगाने की मांग की गई है। मार्कंडेय काटजू पर लोक उत्पात फैलाने का आरोप लगाते हुए हरिद्वार के सीनियर डिविजन सिविल जज के न्यायालय में वाद दाखिल किया गया है।
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वाद में रूल ऑफ लॉ एंड जस्टिस सोसायटी के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव एवं सुनील शर्मा ने मार्कंडेय काटजू के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक लगाने की मांग की है।

कोर्ट ने वाद दर्ज कर चेयरमैन को नोटिस भिजवाने के लिए वादीगण को राष्ट्रीय समाचार पत्र में पब्लिकेशन कराने के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में सात अगस्त को अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की है।
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कई हस्तियों के खिलाफ की आपत्तिजनक बयानबाजी

रूल ऑफ लॉ एंड जस्टिस सोसायटी के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव एवं सुनील शर्मा ने हरिद्वार के सिविल जज वरिष्ठ प्रभार दीपाली शर्मा के न्यायालय में सिविल वाद दायर किया है।

इसमें प्रेस काउंसिल के पूर्व चेयरमैन जस्टिस (रिटायर्ड) मार्कंडेय काटजू के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक लगाने की मांग की है। अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि काटजू ने अपने अकाउंट से प्रसिद्ध हस्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की है।

ऐसी पोस्ट से जहां जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचती है वहीं जनता में लोक उत्पात फैलने की भी आशंका है। आरोप लगाया कि काटजू ने महात्मा गांधी, रविंद्र नाथ टैगोर, नेताजी सुभाषचंद बोस के बारे में भी टिप्पणी की है। इससे वह भी आहत हैं।

इसके विरोध में अरविंद श्रीवास्तव ने अपने अधिवक्ता राजेश राठौर के माध्यम से सिविल जज वरिष्ठ प्रभार दीपाली शर्मा के पास मामला दायर करते हुए उनके फेसबुक, ब्लॉग आदि पर रोक लगाने की मांग की है।
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