क्षेत्र में चल रही 535 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी सीवर और पेयजल योजना में लापरवाही और इसके चलते सड़कों की हो रही बदहाली को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने सोमवार को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर योजना के निर्माण कार्यों, खुदी पड़ी सड़कों और मानकों के विपरीत बने ऊंचे चैंबरों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उक्रांद कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने बिना किसी योजना के बरसात के मौसम में एक साथ कई सड़कें खोद दीं। इसके चलते पूरे शहर में कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई हैं। सड़कों की खस्ताहाल स्थिति से स्थानीय लोगों और राहगीरों का चलना दूभर हो गया है।
ज्ञापन में उक्रांद ने स्थानीय जांच कमेटी की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिन विभागीय अधिकारियों की देखरेख में यह सारी लापरवाही हुई है, उन्हीं से योजना की जांच कराना हास्यास्पद है। इससे जांच की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।
यूकेडी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण और गुणवत्ता की जांच किसी बाहरी और स्वतंत्र तकनीकी संस्था से कराई जाए। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और संस्था पर कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि जनता को राहत मिल सके। प्रदर्शन में अरविंद तोमर, सौरभ उनियाल, भूपेंद्र सिंह नेगी, रेखा और सीमा कुकरेती समेत कई कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।