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Iअभी तक राज्यभर से 55 आवेदन मिलेI
Iदो लाख के लोन पर 75 फीसदी अनुदान देने वाली एकल महिला स्वरोजगार योजना के लिए महिला सशक्तीकरण विभाग ने 30 करोड़ के अनुपूरक बजट की मांग की है। विभागीय निदेशक रंजना राजगुरु ने उन जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है, जिनके जिले से अभी तक योजना के लिए आवेदन नहीं हुए या इक्का-दुक्का आवेदन आए हैं। इनमें अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी हैं, जहां से एक या दो आवेदन ही आए हैं।I
Iविभाग ने कुछ दिन पहले ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और जिलों में मिशन शक्ति के कार्मिकों को एकल महिलाओं के घर जाकर स्वरोजगार योजना का लाभ बताने और आवेदन कराने में सहायता देने का निर्देश जारी किया है, तब से विभाग को 55 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। आवेदनों की संख्या बढ़ाने के लिए निदेशक ने सभी डीपीओ को कड़े निर्देश जारी किए। उन्हें जिम्मेदारी दी गई कि वे समाज कल्याण विभाग में उपलब्ध एकल महिलाओं के ब्यौरे के जरिये महिलाओं से संपर्क कर योजना के लिए जागरूक करें। इसके तहत राज्यभर से दो हजार एकल महिलाओं को लाभ दिया जाना है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, हालांकि आवेदनों की कम संख्या के कारण तारीख बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
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Iनिदेशक राजगुरु ने शनिवार को समीक्षा बैठक में सख्त अंदाज में कहा कि विभाग के पास केंद्र और राज्य सरकार की सहायता से कार्मिकों का पूरा अमला और संसाधन उपलब्ध हैं। उसके बावजूद यदि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर नहीं पहुंच रहा तो सीधे तौर पर कार्मिकों की लापरवाही है, ऐसे मामलों में विभाग कार्रवाई करेगा।I