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समय से नहीं भेजी डाक, तीन अफसरों पर एक लाख जुर्माना

Tue, 08 Mar 2016 11:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रपुर

सार

डाक विभाग की लापरवाही से युवक को नहीं म‌िली नौकरी।
अधिकारियों को 45 दिन के भीतर रकम अदा करनी होगी।
5 हजार रुपये वाद व्यय के रुप में भी बदा करने होंगे।
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कोर्ट - फोटो : file photo
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विस्तार
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डाक भेजने में देरी करना रुद्रपुर में डाक विभाग के अधिकारियों को भारी पड़ गया। अब कोर्ट ने उन्हें भारी जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। डाक विभाग की लापरवाही के चलते एक व्यक्ति शिक्षा विभाग में नौकरी पाने से वंचित हो गया। पीड़ित ने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया तो फोरम ने प्रवर अधीक्षक सहित तीन अफसरों पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला सुनाया है। अधिकारियों को 45 दिन के भीतर रकम अदा करनी होगी।
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9 जुलाई 2013 को जिला उपभोक्ता फोरम में दर्ज कराए मामले में ग्राम मूड महोलिया खटीमा निवासी बसंत सिंह कोटिया ने कहा था कि सरकार ने 15 दिसंबर 2011 को प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए विज्ञप्ति जारी कर आवेदन मांगे थे।

वह शिक्षक होने की योग्यता रखता था, इसलिए उसने आवेदन पत्र खटीमा से स्पीड पोस्ट से 19 दिसंबर 2011 डीडीहाट पिथौरागढ़ के लिए भेजा था। आवेदन पत्र अंतिम तिथि से सात दिन पहले भेजा गया था। स्पीड पोस्ट 29 दिसंबर को डीडीहाट विलंब से पहुंचा था, जिसे अस्वीकृत कर दिया गया।
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लापरवाही से शिक्षक नहीं बन पाया था आवेदक

अदालत - फोटो : file photo
स्पीड पोस्ट सर्विस से अधिकतम तीन दिन में पहुंचाने का विश्वास जताया गया। विभाग की लापरवाही से वह शिक्षा विभाग में नौकरी पाने से वंचित हो गया। उसने विपक्षी गणों प्रवर अधीक्षक डाकघर नैनीताल, अधीक्षक मुख्य डाकघर रुद्रपुर और पोस्टमास्टर उपडाकघर खटीमा को दो पत्र भेजकर क्षतिपूर्ति की मांग की, लेकिन उसे कोई क्षतिपूर्ति अदा नहीं की गई।

मामले की सुनवाई करते हुए फोरम के अध्यक्ष हेतराम ने विपक्षी तीनों अधिकारियों को निर्णय की तिथि से 45 दिन के भीतर बसंत को एक लाख रुपये प्रतिकर और 25 रुपये पोस्टल फीस अदा करने के निर्देश दिए हैं।
  5 हजार रुपये वाद व्यय भी देंगे यदि तय तिथि पर रकम नहीं दी जाती है तो निर्णय की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 6 फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज की दर से ब्याज भी देना होगा। बसंत को 5 हजार रुपये वाद व्यय के रुप में भी बदा करने होंगे। फैसले के समय फोरम सदस्य नरेश कुमारी छाबड़ा भी मौजूद रही।
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