पंचक लगने के बावजूद कांवड़ पटरी पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। कोई मन की मुराद पूरी होने पर भोले का जलाभिषेक करना चाहता है तो कोई अच्छे वर के लिए शिव की शरण में आया है। ऐसे में लोनी दिल्ली निवासी रानी ने ‘राजा’ की चाहत में कांवड़ उठाई है।
हरिद्वार से जल लेकर जा रही रानी को दो साल से अच्छे वर की आस है। हरिद्वार से नारसन तक कांवड़ पटरी पर सुबह से शाम तक बोल-बम के जयकारे गूंज रहे हैं। अब तक लाखों कांवड़िए हरिद्वार से जलभरकर गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। इसमें कुछ ने मुरादें पूरी होने पर भोलेनाथ की कांवड़ उठाई है तो कुछ भोले के दरबार में मुरादें लेकर आए हैं।
इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां भी शामिल हैं। मान्यता है कि सावन में भोले की पूजा-अर्चना से मनचाहा पति मिलता है। यही कारण है कि अधिकतर युवतियां वर की तलाश में कांवड़ लेकर चल रही हैं। लोनी (दिल्ली) से आई रानी भी उन्हीं में से एक है। उसका कहना है कि वह दूसरी बार वर की आस में भोले के दरबार में आई हैं।