बहादुर बिटिया एकबार फिर देहरादून स्थित संस्थान में मौजूद थी, उन साथी छात्रों के दिलोदिमाग में, जिन्होंने उसके साथ शिक्षा ग्रहण की। दिल्ली गैंगरेप कांड में फैसले पर सुबह से ही साथी छात्र-छात्राओं की टकटकी लगी हुई थी।
जैसे ही चारों आरोपियों को दोषी करार देने की खबर आई तो सभी के चेहरों पर जीत की खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की गुहार लगाई है।
बिटिया के साथ पढ़े छात्र-छात्राएं
दिल्ली गैंगरेप कांड में जान गंवाने वाली बहादुर बिटिया के दून स्थित शिक्षा संस्थान में मंगलवार को सुबह से गहमागहमी थी। बिटिया के साथ पढ़े छात्र-छात्राएं हीं नहीं बल्कि शिक्षक भी दोषियों को कड़ी सजा के लिए दुआएं कर रहे थे।
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करीब सवा बजे दिल्ली स्थित कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया तो सभी के चेहरे पर राहत और सुकून दिखा।
फांसी ही मिलनी चाहिए
तभी एक छात्रा ने कहा कि इन चारों को फांसी ही मिलनी चाहिए। फिजियोथेरेपी के एक अन्य छात्र ने कहा कि उन्हें कानून पर पूरा विश्वास है।
उम्रकैद के बजाए ऐसे दरिंदों को निश्चित तौर पर फांसी ही मिलेगी। छात्रों का कहना था कि बुधवार को भी वह पूरे मामले पर सजा आने तक नजर रखेंगे। इसके लिए कालेज के रिसेप्शन में टीवी पर ही छात्रों की भीड़ जुटी रही।
फांसी ही हो
संस्थान की निदेशिका रानी अरोड़ा भी मंगलवार को कोर्ट में पेशी की आ रही खबरों पर नजर रखे हुए थीं। उन्होंने कहा कि ऐसे दरिंदों के लिए फांसी से कम कोई सजा नहीं होनी चाहिए। बिटिया को पढ़ाने वाली फिजियोथेरेपी विभाग की विभागाध्यक्ष और दूसरे शिक्षकों ने भी दोषियों के लिए फांसी की सजा पर जोर दिया।