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चकराता मर्डरः दरिंदों के लिए कड़ी सजा मांग रहे घरवाले

Tue, 18 Nov 2014 02:37 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, विकासनगर
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कोई अपना चाहे अपराधी ही क्यों न हो, परिजन और परिचित उसे बचाने का हर संभव प्रयास करते हैं, लेकिन चकराता के खत (कई गांवों को जोड़कर बनाया गया क्षेत्र) बनगांव के ग्रामीणों ने ऐसा नहीं किया।
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दिल्ली के सैलानी जोड़े की हत्या से आहत ग्रामीणों ने चारों हत्या आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान किया है, जो उनके अपने हैं। पंचायत में आरोपियों का केस नहीं लड़ने की बात भी कही गई है।

बेटों की करतूत से शर्मिंदा उनके परिजनों ने भी उनसे नाता तोड़ लिया है। खत पंचायत के फैसले की चारों ओर सराहना हो रही है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि ग्रामीणों का फैसला किसी सबक से कम नहीं है।
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हालांकि, आरोपियों के खिलाफ कानून अपना काम करता है, लेकिन ऐसे फैसले अपराध करने वालों के मन में डर पैदा करेंगे। क्षेत्र के लोगों की पहल पीड़ितों की आत्मा को भी शांति प्रदान करेगी। चकराता क्षेत्र के इस फैसले को उत्तराखंड ही बल्कि पूरा देश सलाम कर रहा है।
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पंचायत का फैसला मिसाल

पंचायत का फैसला एक मिसाल है। हत्या आरोपियों के स्थानीय होने के बावजूद गांव के लोगों ने उनका सामाजिक बहिष्कार करने का कड़ा कदम उठाया है, जो सराहनीय है।  
- हेमचंद्र सकलानी, साहित्यकार

खत के फैसले से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को सबक मिलेगा। खत ने हिम्मत जुटाकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इसकी सराहना करनी चाहिए।
- मोहम्मद असद, सामाजिक कार्यकर्ता

खत ने ऐसा कड़ा कदम उठाकर समाज को संदेश दिया है, कि अपराध करने वालों को समाज और अपनों को भी माफ नहीं करना चाहिए। इस फैसले से न केवल समाज में अच्छा संदेश जाएगा बल्कि प्रेमी जोड़े की आत्मा को शांति मिलेगी।
- विवेक त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता
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