सीएम ने एसीएस को सौंपा था मॉनिटरिंग का जिम्मा
विभागों से भर्ती के लिए खाली पदों के प्रस्ताव तेजी से शासन को प्राप्त हों, इसकी मॉनिटरिंग का काम मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को सौंपा था। एसीएस रतूड़ी लगातार समीक्षा कर रहीं थीं। कई विभागों से प्रस्ताव प्राप्त भी हुए।
चिन्हांकन में देरी की वजह
दिव्यांग श्रेणी के पदों के चिन्हांकन का काम समाज कल्याण विभाग करता था। दिव्यांगता की कुछ और श्रेणियां बनाने की वजह से चिन्हांकन प्रक्रिया नए सिरे से पूरी होनी थी। नई व्यवस्था में यह काम कार्मिक विभाग के जिम्मे है। शासन स्तर से सभी विभागों से पदों के चिन्हांकन की प्रक्रिया समय पर पूरा कर आयोगों को भेजे जाने वाले खाली पदों के प्रस्ताव बनाकर प्रेषित करने के निर्देश दिए गए थे। इनमें कई विभागों ने चिन्हांकन की प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई।
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मुख्य सचिव ने सभी विभागों को दिव्यांग पदों के चिन्हांकन का कार्य पूरा करते हुए 26 अप्रैल तक खाली पदों के अधियाचन भेजने के निर्देश दिए है। इसी दिन उप समिति की बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा होगी। हम आशा कर रहे हैं कि प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद इन्हें मई में आयोगों को भर्ती परीक्षा आयोजित कराने के लिए भेज दिया जाएगा। - शैलेश बगौली, सचिव (कार्मिक)