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Uttarakhand: डॉक्टर से पहले मस्तिष्क बता देता है शरीर में घट रहा जल का स्तर, नजरअंदाज करना गंभीर खतरा

Tue, 19 May 2026 02:59 PM IST
Renu Saklani अंकित यादव, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

दिमाग के संकेत को नजरअंदाज करने से गंभीर डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है। तेज धूप और गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में लोग पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं।

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पानी - फोटो : Adobe stock
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विस्तार
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शरीर में जल का स्तर कम होने पर डॉक्टर से पहले मस्तिष्क इसकी जानकारी दे देता। विशेषज्ञों के मुताबिक पानी की कमी का पता चलते ही मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस हिस्सा शरीर में एंटीडाययूरेटिक हार्मोन (एडीएच) को सक्रिय कर देता है। इससे बार-बार प्यास लगने का संकेत मिलने लगता है।

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इसके अलावा किडनी को पानी बचाने का आदेश देता है। इससे पेशाब की मात्रा घट जाती है। तेज धूप और गर्मी की वजह से बड़ी संख्या में लोग पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की चपेट में आ रहे हैं। दून अस्पताल में पानी की कमी की चपेट में आकर हर-रोज करीब 35 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है।

शरीर में पानी की कमी होने पर रक्त गाढ़ा होने है लगता
यह आंकड़ा पिछले 10 दिनों से लगातार बढ़ रहा है। दून अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विजय भंडारी बताते हैं कि शरीर करीब 60 से 70 प्रतिशत पानी का बना होता है। पानी मस्तिष्क, रक्त, कोशिकाओं, मांसपेशियों और अंगों के सही ढंग से काम करने के लिए बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर रक्त गाढ़ा होने लगता है।
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इससे हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे दिल की धड़कन तेज होने के साथ शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, निम्न रक्तचाप की समस्या सामने आने लगती है। इसी क्रम में हाइपोथैलेमस भी पानी की कमी होने पर तुरंत प्यास का संकेत देता है।

शरीर में सक्रिय एडीएच हार्मोन किडनी को पानी बचाने के लिए संकेत देता है। इससे पेशाब कम बनने लगती है। इसके बाद बार-बार प्यास लगने के साथ ही पेशाब में पीलापन आ जाता है। मस्तिष्क के संकेत को नजरअंदाज करने पर गंभीर डिहाइड्रेशन की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे दिमाग में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। बेहोशी और शॉक की स्थिति भी बन सकती है।

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दूषित पानी से पीलिया का भी खतरा

चिकित्सक डॉ. भंडारी के मुताबिक गर्मी के सीजन में दूषित पानी और खाने से पीलिया का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल में हर-रोज 10 से 12 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। पीलिया की चपेट में आने वाले मरीजों को तेज बुखार, उल्टी, शरीर में पीलापन आदि शिकायतें आती हैं। ऐसे में लोगों को सावधान रहना चाहिए।

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बचाव के उपाय

1- हर-रोज दो से तीन लीटर पानी पीएं

2- ताजे खाने का सेवन करें

3- धूप में जाने से बचें

4- बाहर के खाने से बचें

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