फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यादें : जब बेजन दारूवाला की एक झलक पाने को उमड़ पड़े थे देहरादून वासी

Sat, 30 May 2020 07:00 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
ज्योतिष महाकुंभ - फोटो : file photo
विज्ञापन

13 मार्च 2016 की सुहावनी सुबह। पहले अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ के आयोजन को लेकर हमारी पूरी टीम खासी उत्साहित थी। उत्साह बेजन दारूवाला जैसे मनीषी ज्योतिषियों से मिलने और उनसे बाचतीत करने का भी था।

विज्ञापन


लोगों के मन में उनके प्रति अपार सम्मान और आस्था का ही नतीजा था, कि बड़ी संख्या में दूनवासी उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े थे। तत्कालीन राज्यपाल डा. केके पाल और मुख्यमंत्री हरीश रावत भी उनके कद्रदानों में थे। ज्योतिष के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए अमर उजाला ने उन्हें लाइव टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी सम्मानित किया।

बेजन दारूवाला ज्योतिष पर आस्था रखने वालों के लिए किसी महानायक से कम नहीं थे। अमर उजाला और ग्राफिक एरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पहले ज्योतिष महाकुुंभ का सबसे बड़ा आकर्षण बेजन ही थे। वो अपने बेटे नस्तूर और बहू मीटू के साथ आए। उद्घाटन के मौके पर बेजन काफी देर तक बोले, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ उनकी आवाज साफ न होने के कारण कम ही लोगों को समझ आया।

विज्ञापन
विज्ञापन

लोगों से मुलाकात की और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया

तत्कालीन राज्यपाल डा. केके पॉल ने जब मंच से ज्योतिष को लेकर व्याख्यान दिया तो बेजन समेत वहां मौजूद तमाम विद्वान आश्चर्यचकित रह गए। बेजन अपनी जगह से उठे और उन्होंने केके पॉल को सैल्यूट किया।

इसके बाद काफी देर तक बेजन लोगों से मिले और उनके सवालों के जवाब दिए। ये बेजन की लोकप्रियता ही थी कि अन्य ज्योतिषी जहां अलग-अलग कमरों में बैठे। बेजन को लोगों ने जाने नहीं दिया और मजबूरी में मंच पर उनके लिए कुर्सी और टेबल लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई।

काफी अधिक उम्र होने के बावजूद उन्होंने काफी देर तक लोगों से मुलाकात की और उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। समस्याएं लेकर आए लोग उनसे मिलने के बाद समाधान देकर लौटे तो उनके चेहरे पर खुशी साफ पढ़ी जा सकती थी।

ग्राफिक एरा के बाद जब वो जीएमएस रोड स्थित होटल सैफ्रॉन लीफ (जहां उनके ठहरने का इंतजाम किया गया था) पहुंचे तो वहां भी कई लोग उनका इंतजार करते मिले। लोग उनसे मिलना और अपनी बात कहना चाहते थे। भीड़ के बीच होटल के जीएम विनोद श्रीवास्तव बमुश्किल उन्हें कमरे तक पहुंचा सके। यहां भी लगातार उनसे मिलने वालों का सिलसिला जारी रहा।

अगले दिन होटल में ही ज्योतिष महाकुंभ का समापन और सम्मान समारोह आयोजित होना था। तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बेजन को ज्योतिष के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया। उन्होंने मंच से हरीश रावत के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की घोषणा की।

ज्योतिष महाकुंभ खत्म होने के बाद भी कई दिन तक बेजन दून में ही रहे। इस दौरान उनसे मुलाकात करने के लिए शहर की तमाम बड़ी हस्तियां होटल पहुंची थी। जाते समय बेजन ने वायदा किया कि वो अगले साल होने वाले ज्योतिष महाकुंभ में जरूर आएंगे। लेकिन इसी बीच हुए विधानसभा चुनावों में हरीश रावत को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। दो जगह से चुनाव हारने के साथ ही वो सत्ता से बेदखल हो गए। उसके बाद बेजन दून नहीं आए। उनके कद्रदानों के जेहन में आज भी उस कार्यक्रम की यादें ताजा हैं।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें