सेल्फ रिलायंस इनिशिएटिव की अध्यक्ष तनुजा जोशी जरूरतमंदों को राशन उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने राशन किट में नैपकिन को भी शामिल किया है। हर राशन किट में वह एक पैकेट सैनिटरी नैपकिन का भी रखती हैं। वह अभी तक 3000 पैकेट बांट चुकी हैं। उन्होंने कहा कि नैपकिन नहीं मिलने पर महिलाएं अन्य घरेलू तरीके अपनाती हैं, जिससे समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
शासन- प्रशासन के समक्ष उठाया मामला
चंपावत जिले की समाज सेविका और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की ब्रांड एबेंसडर रीता गहतोड़ी का कहना है कि सैनिटरी नैपकिन की समस्याओं को लेकर उन्होंने अप्रैल में पीएम, सीएम और डीएम को संबोधित पत्र लिखा। इसके बाद प्रशासन ने बाल विकास विभाग की मदद से जरूरतमंदों को मुफ्त नैपकिन उपलब्ध करवाए। उन्होंने कहा कि वह अपने स्तर से भी 150 पैकेट नैपकिन जरूरतमंदों को बांट चुकीं हैं।
आंगनबाडी केंद्रों से जैसे-जैसे लोगों की मांग आती थी। हम उन्हें सैनिटरी पैड लॉकडाउन पीरियड से पहले उपलब्ध कराते रहे हैं। हां, 25 मार्च के बाद इस कार्य में जरूर अवरोध आया होगा। जल्द ही हम घरों तक महिलाओं को बेहद सस्ते और अच्छी गुणवत्ता वाले सैनिटरी पैड उपलब्ध कराएंगे। सैनिटरी पैड का उपयोग करना या इसे मांगना शर्म का विषय नहीं बल्कि गर्व का विषय है और ये प्रकृति का दिया हुआ उपहार है, जिससे प्रकृति आगे बढ़ती है।
- रेखा आर्य, महिला एवं बाल पुष्टाहार मंत्री