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...तो ‘स्मार्ट’ बनेगी राजधानी देहरादून

Tue, 23 Dec 2014 11:34 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होने जा रहा है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने दून के मेयर विनोद चमोली को यह आश्वासन दिया है।
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आपदा के बाद स्मार्ट सिटी की जरूरत
सोमवार को मेयर और अखिल भारतीय महापौर परिषद के अध्यक्ष विनोद चमोली दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू से मिले। वार्ता में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्वतीय राज्य है। राज्य का ज्यादातर क्षेत्र आपदा प्रभावित है। ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरत यहां स्मार्ट सिटी विकसित करने की है।

उन्होंने मांग की कि दस लाख जनसंख्या वाले नियम पर पहाड़ी राज्यों को रियायत दी जानी चाहिए। मेयर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने सभी पर्वतीय राज्यों के शहरों के लिए और खासकर राजधानियों के लिए नियमों में छूट देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने इस संबंध में अपने सचिव को कह दिया है।
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जल्द ही देहरादून स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल होगा। बताया कि केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड सरकार से केंद्र की ओर से मांगी गई शहरों की लिस्ट में देहरादून को प्रमुख शहर के रूप में सूचिबद्ध करने के लिए कहा गया है।

पहले इसलिए टूटी थी आस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने की योजना पर काम करने के आदेश शहरी विकास मंत्रालय को दिए थे। नियम के तहत ऐसे शहरों को स्मार्ट सिटी में शामिल करना था, जिनकी जनसंख्या 10 लाख से ज्यादा हो।

देहरादून की जनसंख्या 10 लाख से कम है, इसलिए दून के स्मार्ट सिटी में शामिल होने की आस टूट गई थी। उत्तराखंड का कोई भी शहर इस योजना के तहत नहीं आ रहा था।

ऐसे होगी स्मार्ट सिटी
स्मार्ट सिटी में कई ऐसी खूबियां होंगी जो इसे अन्य शहरों से अलग कर देंगी। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने विदेश के कई शहरों का अध्ययन करने के बाद स्मार्ट सिटी की अवधारणा को फाइलों में उतारा है। मुख्य रूप से छह बिंदुओं पर काम किया जाएगा।

स्मार्ट एनर्जी
- 24 घंटे बिजली की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ऐसे शहरों के लिए अलग से ग्रिड का निर्माण किया जाएगा।

स्मार्ट बिल्डिंग
- शहर की जितनी भी सरकारी एवं गैर सरकारी इमारतें होंगी, सभी को वर्षा जल संचयन प्रणाली से जोड़ा जाएगा। हर इमारत में सुरक्षा के ठोस उपाय होंगे। सभी इमारतें आधुनिक तकनीक से परिपूर्ण होगी।

स्मार्ट हेल्थ
- सरकारी अस्पताल आधुनिक तकनीक से युक्त होंगे। हवाई एंबुलेंस भी उपलब्ध होगी। सभी विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त रहेंगे। साथ ही स्वास्थ्य पर्यटन (मेडिकल टूरिज्म) को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम होगा।

स्मार्ट एजूकेशन
- स्मार्ट सिटी में शिक्षा के लिए कई प्रावधान रखे गए हैं।

स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और ट्रांसपोर्ट
- पूरे शहर का यातायात सिस्टम जीपीएस प्रणाली से जुड़ेगा। शहर में यातायात के आधुनिक उपाय होंगे। यातायात के वैकल्पिक साधनों के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है। शहरी यातायात के साधन पर्यावरण को सहयोग देने वाले होंगे। यातायात के अनुरूप सड़कें चौड़ी की जाएंगी।

स्मार्ट एनवायरमेंट
- पर्यावरण को देखते हुए शहर को हरा भरा रखने के लिए भी योजना में कई बेहतरीन सुझाव हैं।

दून को इसलिए जरूरत
कभी देहरादून शांत फिजाओं के लिए मशहूर था। वक्त के साथ इसकी खूबसूरती धुंधली होती चली गई। उत्तराखंड गठन के बाद देहरादून राजधानी बनी तो अधिकारियों से लेकर आम लोगों ने यहां आशियाना बनाने शुरू कर दिए।

सरकारी और गैर सरकारी प्रतिष्ठानों के बेतरतीब निर्माण हुए। शहर में वाहनों की संख्या दो लाख से ऊपर हो गई, जबकि सड़कें बेतरतीब निर्माण से संकरी हो गईं। इन समस्याओं को देखते हुए भी देहरादून को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल होने की सबसे ज्यादा जरूरत है।
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