अब इस समस्या को खत्म करने के लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण राजपुर रोड के चौराहों पर सेंसर ट्रैफिक सिग्नल लगाने जा रहा है। दिलराम चौक से लेकर राजपुर रोड तक सभी चौराहों पर सेंसर सिग्नल लगाए जाएंगे।
यह सिग्नल वाहनों के दबाव पर ग्रीन और रेड होंगे। इस आधुनिक तकनीक के ट्रैफिक सिग्नल को सेंसर सीसीटीवी कैमरों से भी जोड़ा जाएगा। प्राधिकरण ने इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। जल्द ही सेंसर ट्रैफिक सिग्नल लगाने का काम शुरू हो जाएगा। चौराहों पर सबसे ज्यादा परेशानी सुबह और शाम को होती है, लेकिन सेंसर सिग्नल लगने के बाद चौराहों पर वाहन चालकों का समय बचेगा।
सेंसर ट्रैफिक सिग्नल से वाहन चालकों को काफी राहत मिलेगी। ऑटोमेटिक सेंसर सिग्नल में ऐसा सिस्टम होगा, जिससे एंबुलेंस और अग्निशमन की गाड़ी को आसानी से रास्ता मिल जाएगा। सेंसर सिग्नल लगने के बाद चौराहों पर पुलिस की निर्भरता भी खत्म हो जाएगी और हर गतिविधि पर सेंसर युक्त कैमरे नजर रखेंगे।
-डॉ.आशीष कुमार श्रीवास्तव, एमडीडीए उपाध्यक्ष
100 मीटर की परिधि में काम करेगा सेंसर
चौराहों पर ट्रैफिक लाइटों के पास सड़क के करीब तीन फुट नीचे डिवाइस लगाई जाएगी। यह डिवाइस करीब 100 मीटर तक का एरिया कवर करेगी।
04 सेकेंड बाद बढे़गा समय
चौराहे पर जिस तरफ ट्रैफिक ज्यादा होगा उस तरफ हर बार ग्रीन लाइट का समय चार सेकेंड के लिए बढ़ जाएगा। इसको 40 सेकेंड तक बढ़ाया जा सकेगा।
सीसीटीवी कैमरा रखेगा नजर
सेंसर सिग्नल के साथ सीसीटीवी कैमरे भी अटैच होंगे, जो न केवल वाहनों के दबाव, बल्कि चालकों के व्यवहार और यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी नजर रखेंगे। कैमरे अपराध नियंत्रण में भी मुफीद साबित होंगे। सेंसरयुक्त ये सीसीटीवी कैमरे चौराहों पर वाहनों के दबाव को भी रिकॉर्ड करेंगे।