फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देहरादून में हुई ऐसी-ऐसी घटनाएं, हैरत में मौसम विज्ञानी, जानिए...

Sat, 05 Aug 2017 04:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
cloudburst
विज्ञापन
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इनदिनों ऐसी-ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनसे मौसम विज्ञानी भी हैरान है। जानिए, ऐसी कौन सी घटनाएं हैं, जिनसे सभी विज्ञानी हैरान हो गए...
विज्ञापन


राजधानी में बीते 12 जुलाई को भारी से भारी बारिश हुई थी। एक घंटे में करीब 90 मिमी बारिश हुई थी, जो बादल फटने के करीब है। मौसम विभाग के मुताबिक, बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश भी बादल फटने जैसी थी। एक घंटे में 143 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि राजधानी के शहरी क्षेत्र में इस तरह की बारिश जलवायु परिवर्तन के नए बदलावों की ओर इशारा कर रही है। मौसम विभाग खुद इस पर शोध में भी जुट गया है।

अभी तक बादल फटने जैसी घटनाएं ज्यादातर पहाड़ी क्षेत्रों में होती आई हैं। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि दून में एक माह के भीतर दो बार भारी बारिश की घटनाएं हुई हैं। हाल के वर्षों में ऐसी घटना इसी साल हुई है। इस पर अध्ययन भी किया जा रहा है।
विज्ञापन
Trending Videos

जानिए, और बातें...

heavy rain in dehradun
राजधानी में बृहस्पतिवार दोपहर तीन से चार बजे के बीच एक घंटे के भीतर ही 143 मिमी बारिश हो गई। घंटाघर और इसके आसपास के इलाकों में जो सड़कें भारी बारिश के बावजूद पानी से लबालब नहीं होती थी, वहां जबर्दस्त पानी भर गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इसे कोई सामान्य घटना नहीं कहा जा सकता है।

राजधानी में बीते 24 घंटे में मौसम विभाग ने करीब 150 मिमी बारिश रिकॉर्ड की है। इसमें सबसे ज्यादा बारिश बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे से चार बजे के बीच हुई है। हालांकि, शुक्रवार को बारिश का आंकड़ा 0.6 मिमी पर पहुंच पाया। 
विज्ञापन

हर 15 मिनट में मिल रहा बारिश का अपडेट

rain
राजधानी में होने वाली बारिश का हाल अब हर 15 मिनट में मौसम विभाग को पता चल जाता है। पहली बार मौसम विभाग ने अत्याधुनिक उपकरण सर्वे ऑफ इंडिया परिसर में लगाया है। इसके माध्यम से विभाग बारिश का सही आकलन कर पा रहा है। 

मौसम विभाग का वेदर स्टेशन हरिद्वार रोड पर स्थित है। यहीं से आने वाली रीडिंग के हिसाब से मौसम का आकलन किया जाता है। पहले सर्वे ऑफ इंडिया परिसर, ईसी रोड पर भी विभाग का केंद्र था, जो बंद कर दिया गया है। हाल ही में विभाग ने यहां एक अत्याधुनिक उपकरण लगाया है। 

मौसम विभाग के मुताबिक, इस वेदर इंस्ट्रूमेंट में जीपीआरएस सेटिंग है, जो हर 15 मिनट में होने वाली बारिश का आंकड़ा उन्हें उपलब्ध करा रही है। इस उपकरण के लगने से मौसम का अध्ययन और बेहतर एवं आसान हो गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें