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वोटर देव की नजर में ‘अच्छे दिन’ दूर

Thu, 28 Aug 2014 12:49 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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वोटर देव की नजर में ‘अच्छे दिन’ अभी दूर हैं। नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने से पहले किए गए वायदे को आधार बनाते हुए कुछ लोग आलोचना करते हैं।
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उनका मानना है कि यह सरकार पिछली सरकार से अलग नहीं तो कुछ का कहना है कि महज तीन माह में कामकाज का आकलन जल्दबाजी होगा। सरकार को अभी और समय दिए जाने की जरूरत है। महंगाई और रोजगार पर कुछ यूं है अलग-अलग वर्गों की राय।

सरकार महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रही है। स्थिति में बहुत बदलाव नहीं हैं। हालांकि, मोदी सरकार से उम्मीद बहुत थी। अब भी है। सरकार को अभी 100 दिन से काफी अधिक वक्त की जरूरत है।
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- राजन मनचंदा

महंगाई अभी स्टेबल है। पेट्रोल के रेट इंटरनेशनल मार्केट से नियंत्रित हैं, थोड़ा सस्ता हो गया है। ओवर आल ठीक है। वर्किंग पिछली सरकार के मुकाबले अलग है, लेकिन कोई बड़ा बदलाव स्थिति में नहीं है।
- कमल, कपड़ा व्यापारी, पलटन बाजार

पेड़ के फल खाने के लिए भी इंतजार करना पड़ता है। मोदी ने ‘अच्छे दिन’ का वायदा किया है। इसके लिए 100 दिन काफी कम है। सरकार को और समय दिया जाना चाहिए।
- संजय गुप्ता, चार्टर्ड एकाउंटेंट

महंगाई तो है ही, लेकिन सरकार से केवल 100 दिन में स्थिति बदल जाने की उम्मीद करना थोड़ी ज्यादती होगी। अभी सरकार को काम का वक्त देना चाहिए।
- प्रभा जोशी, सोशल वर्कर

‘अच्छे दिन’ की बात अभी तक तो पूरी होती नहीं दिख रही। न तो युवाओं के काम-धंधे को लेकर कोई नई योजना आई है, न रोजगार का जरिया बढ़ा है। उम्मीद है कि आने वाले वक्त में स्थिति में सुधार आएगा।
- ऋषभ जोशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले ‘अच्छे दिन’ लाने का वायदा किया था। अभी तो अच्छे दिन आए नहीं हैं। सरकार को सौ दिन हो चुके, लेकिन युवाओं को नौकरी की बात भी नहीं।
- सचिन भसीन, गारमेंट व्यापारी

रोजगार की बरसात की उम्मीद महज 100 दिन में नहीं लगाई जानी चाहिए। भविष्य में मोदी सरकार के कदमों के अच्छे नतीजे सामने आएंगे। सरकार को कुछ समय दिया जाना चाहिए।
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- गिरीश मधवाल, अंतर्राष्ट्रीय अंपायर

नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बने हुए अभी केवल 100 ही दिन हुए हैं। ऐसे में उनसे युवाओं के लिए रोजगार की बरसात कर देने की अपेक्षा ज्यादती होगी। उन्हें और समय दिया जाना चाहिए।
- मीनू क्षेत्री, ग्राम प्रधान, पुरोहित वाला
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