कर्मचारियों को रियायती दरों पर मिलने वाली बिजली की दरों में की गई कटौती को लेकर तीनों ऊर्जा निगमों के कर्मचारी उग्र हो गए हैं। शनिवार को कर्मचारियों ने यूपीसीएल मुख्यालय में धरना दिया और तीनों निगमों में एमडी और डायरेक्टरों को जबरन उनके कमरों से बाहर निकाल दिया। इस बीच कर्मचारियों की एमडी पिटकुल और यूपीसीएल के साथ ही डायरेक्टरों के साथ नोक-झोंक भी हुई।
इसके बाद कर्मचारियों ने प्रबंध निदेशक को उनके कमरे से जबरन बाहर कर दिया। एमडी को कमरे से बाहर करने के बाद कर्मचारी सभी डायरेक्टरों के कमरों में गए और उन्हें भी वहां से जबरन बाहर निकाल दिया। डायरेक्टर फाइनेंस के साथ तो कर्मचारियों की जमकर नोक-झोंक हुई। कर्मचारियों ने उनके कमरे में तोड़फोड़ भी की और दरवाजा तोड़ दिया।
ऊर्जा निगम में एमडी और डायरेक्टरों को कमरे से निकालने के बाद कर्मचारी यूजेवीएनएल पहुंचे। वहां एमडी को नहीं थे लेकिन कुछ डायरेक्टर अपने कमरों में काम कर रहे थे, उन्हें भी कर्मचारियों ने जबरन बाहर निकाल दिया। अंत में कर्मचारी पिटकुल पहुंचे और वहां डायरेक्टरों के बाहर निकालकर एमडी के कमरे में पहुंचे और उन्हें भी कमरे से बाहर आने के लिए कहा।
इस बीच कर्मचारियों और एमडी पिटकुल के बीच काफी बहस भी हुई। बाद में एमडी बाहर निकल गए। जिसके बाद कर्मचारी वापस लौट गए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि तीनों निगमों के डायरेक्टर, एमडी बाहर के डायरेक्टरों के दबाव में काम रहे हैं और लगातार कर्मचारी के हितों से खिलवाड़ वाले फैसले ले रहे हैं। इस दौरान मोर्चे के संयोजक इंसारुल हक, राकेश शर्मा, विनोद कवि, वाईएस तोमर, जीएन कोठियाल, प्रदीप कंसल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे।