बकाया वेतन भुगतान करने, ग्रेच्युटी बढ़ाने व मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने समेत 11 सूत्री मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों, कर्मचारियों ने मंडलीय प्रबंधक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
क्षेत्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह की अगुवाई में शुरू किए गए अनिश्चितकालीन धरने के दौरान पदाधिकारियों ने प्रबंधन पर कर्मचारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। इस दौरान मंडलीय प्रबंधक ने उन्हें वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन वार्ता विफल रही।
क्षेत्रीय अध्यक्ष मेजपाल सिंह ने कहा कि कर्मचारियों को पिछले दो माह से वेतन भुगतान नहीं हुआ है। इसके चलते कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो रहा है। कर्मचारियों को पिछले पांच साल से अतिकाल भत्ते का भुगतान, एसीपी का भुगतान, चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 2014 से नकदीकरण का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वक्ताआें ने मृतक आश्रितों को नौकरी दिए जाने व प्रोत्साहन भत्ता देने का उठाया। कहा कि अनुबंधित बसों के बस स्वामियों को 60 फीसदी कमाई पर ही प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
जबकि परिचालकों को 100 फीसदी आय अर्जित करने पर भी प्रोत्साहन भत्ता नहीं दिया जा रहा है। वक्ताओं ने मांग उठाई कि सभी अनुबंधित वाहनों का मार्ग पर डीजल का भौतिक सत्यापन कराया जाए। उनका की डीजल औसत निर्धारित कराया जाए जिससे कि डीजल चोरी पर रोक लगाई जा सके। अनुबंधित बसों को भी सभी बस स्टेशनों पर रोका जाना अनिवार्य किया जाए।
साथ ही ऑनलाइन बुकिंग की धनराशि को भी परिचालक की अर्जित आय में जोड़ा जाए। श्रीनगर श्रीनगर डिपो में कम से कम 30 बसों की व्यवस्था की जाए। धरने में क्षेत्रीय अध्यक्ष मेजपाल सिंह, क्षेत्रीय मंत्री राकेश पेटवाल, दिनेश गोस्वामी, दिनेश पंत, राकेश रावत, भोला जोशी, आनंद कुकरेती, नवल किशोर, मनजीत सिंह, अनुराग नौटियाल, विनोद नौटियाल, अनिल धीमान, उदयवीर, योगेश गुप्ता, अखिल डोभाल, संजय सोनकर, वरुण सभरवाल, मनीष कुमार, सुरेश रावत, दिनेश सती, प्रेम सिंह भंडारी, सुरेश कुमार, राजेंद्र भंडारी आदि शामिल रहे।