लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर उनकी जगह नई नियुक्तियां की जाएगी। 15 दिनों से अधिक समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने सभी चिकित्साधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अस्पतालों में गर्भवती और उनके तीमारदारों की सुविधा के लिए बर्थ वेटिंग होम खोलने को कहा है। सोमवार को स्वास्थ्य महानिदेशक ने प्रदेश के मुख्य चिकित्साधिकारियों, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक व अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लेखा और वित्तीय मामलों को सुव्यवस्थित करने के लिए अस्पतालों और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालयों में लेखा कार्मिकों की तैनाती रहेगी। विभाग में 45 वर्ष से कम आयु के लेखा कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द प्रशिक्षण के लिए लेखा कर्मचारियों को नामित करे।
बिना अनुमति के अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। लंबे समय से गैरहाजिर डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर उनके स्थान पर नए डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। वहीं, अस्पतालों में तैनात बांड धारी डॉक्टरों की प्रत्येक माह सूचना दी जाए। उन्होंने सीएमओ को नियमित रूप से अस्पतालों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। आईपीएचएस मानकों के अनुसार सभी अस्पताल कार्य योजना बनाकर निदेशालय को भेजें। जल्द ही अस्पतालों में डॉक्टरों व नर्सों की नियुक्ति आईपीएचएस मानकों के तहत की जाएगी।
जल्द ही पीपीपी मोड पर चलेंगे तीन सरकारी अस्पताल
विश्व बैंक पोषित उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत जल्द संयुक्त चिकित्सालय रामनगर, अल्मोड़ा जनपद का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण व पौड़ी जनपद का सीएचसी बीरोंखाल पीपीपी मोड पर संचालित किए जाएंगे। ई-टेंडर के माध्यम से चयनित शुभम् सर्वम् मेडिकल कंपनी इन सरकारी अस्पतालों का संचालन के साथ तीन मोबाइल हेल्थ वैन संचालित करेगी।
सोमवार को उत्तराखंड हेल्थ सिस्टम डवलपमेंट प्रोजेक्ट के परियोजना निदेशक एवं अपर सचिव युगल किशोर पंत ने रामनगर कलस्टर को पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए बैठक ली। उन्होंने बताया कि संयुक्त चिकित्सालय रामनगर, भिकियासैंण व बीरोंखाल सीएचसी को संचालित करने के लिए कंपनी के साथ अनुबंध किया है।
कुमाऊं, गढ़वाल और तराई क्षेत्र में लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा और उच्च स्तरीय जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कंपनी मरीजों से अतिरिक्त शुल्क नहीं लेगी। बैठक में डॉ. बीडी जोशी, डॉ. पीयूष रंजन, चंद्रमोहन बिष्ट आदि मौजूद थे।