दोपहर 02 बजे : बीच राह रोककर बिठाते रहे सवारी
शनिवार दोपहर के दो बज रहे हैं। आढ़त बाजार में जाम लगा है। वाहनों की लंबी कतार लगी है। इसी बीच अचानक एक विक्रम सवारी को बिठाने के लिए रुका और वाहनों की रफ्तार रुक गई। सवारी उतारने के साथ ही विक्रम संचालक ने मौके से दो अन्य सवारियों को बिठाया। इसके कारण यातायात प्रभावित हुआ।
दोपहर 03 बजे : प्रेमनगर जाने के लिए विक्रमों का झुंड
शनिवार दोपहर के तीन बजे हैं। घंटाघर पारकर चकराता रोड पर विक्रमों का झुंड लगा है। विक्रम संचालक आवाज लगाकर प्रेमनगर की फुटकर सवारियां बिठा रहे हैं। एक विक्रम सवारी भरकर आगे रवाना हो गया है, उसका स्थान दूसरे विक्रम ने लेकर फुटकर सवारियों भरना शुरू कर दिया। घंटाघर से प्रेमनगर के बीच विभिन्न इलाकों की सवारियों को बिठाया जा रहा है। चौराहे पर कोई भी इन विक्रमों को रोकने के लिए मौजूद नहीं है।
शाम 05 बजे : सवारियों का कोटा पूरा कर चलेगा विक्रम
शनिवार शाम के पांच बजे हैं। गांधी पार्क से राजपुर रोड के लिए विक्रम सवारी बिठा रहे हैं। विक्रमों के कारण रोड का यातायात बाधित हो रहा है। विक्रम में बैठे यात्री प्रवेश कुमार बताते हैं कि उन्हें राजपुर रोड पर जाना है, अभी विक्रम की सवारियों का कोटा पूरा नहीं हुआ है। सवारियां भरने के बाद ही विक्रम आगे के लिए रवाना होगा।
बुक होकर नहीं चला एक भी विक्रम
शहर में सभी जगह विक्रम फुटकर सवारियां भरकर ले जाते नजर आए। एक भी विक्रम बुकिंग कर सवारियां ले जाता नहीं दिखा। विक्रम संचालक राजू ने कहा कि बुकिंग कर विक्रम को ले जाना कतई व्यवहारिक नहीं है। इसके लिए पहले परिवहन विभाग स्टैंड का इंतजाम कराए, तभी यह संभव हो सकता है। अन्यथा, फुटकर सवारियां बिठाना ही एक मात्र रास्ता है।
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इसलिए बंद किए जा रहे हैं विक्रम
दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल, ऑटो व विक्रम का संचालन 31 मार्च 2023 के बाद बंद किया जाना था। इनके स्थान पर दून शहर में बीएस-6 पेट्रोल, सीएनजी या इलेक्ट्रिक चौपहिया टाटा मैजिक चलाने का निर्णय हुआ था। अब विक्रम संचालकों को बीएस-6, सीएनजी चलित वाहन खरीदने के लिए कहा गया है, लेकिन सैकड़ों की संख्या में विक्रम संचालक इसके लिए तैयार नहीं हैं।
विक्रम संचालकों को अगर विक्रम चलाना है तो उन्हें ठेका परमिट की शर्तों का पालन करना ही होगा। उल्लंघन पर प्रवर्तन दल कार्रवाई करेगा। - सुनील शर्मा, आरटीओ