देहरादून में बन रहे फ्लाईओवर के सुस्त निर्माण पर मुख्यमंत्री हरीश रावत की सख्ती भी कारगर साबित नहीं हो रही है।
हरकत में नहीं आ रही निर्माण एजेंसी
सीएम ने भले ही फ्लाईओवर बना रही कंपनी को जल्द निर्माण पूरा न करने पर काम छोड़ने की चेतावनी दी है, लेकिन निर्माण एजेंसी हरकत में नहीं आ रही है। हालात यह हैं कि सुस्त काम कर रही निर्माण एजेंसी ने आजकल निर्माण कार्य ही बंद कर दिया है।
कंपनी को न तो जाम में पिस रही जनता की परवाह है, न सीएम के अल्टीमेटम का खौफ। ऐसे में जून तक काम पूरा होने की नई डेड लाइन भी दिखावा भर रह जाएगी।
अब तो फ्लाईओवर की आड़ में आईएसबीटी और बल्लीवाला पर पार्किंग बनने लगी है। यहां पर वाहन खड़े होने से अक्सर ही जाम लग जाता है। रविवार को आईएसबीटी पर राजा राम मोहन राय स्कूल के सामने काफी देर तक जाम लगा रहा।
सूरत-ए-हाल
बल्लूपुर चौक फ्लाईओवर: कंपनी की अंदरूनी अड़चन
लंबाई - करीब 798 मीटर
लागत : लगभग 25 करोड़ रुपए
काम की शुरुआत - एक सितंबर 2013
पुरानी डेड लाइन - 31 अक्तूबर 2014
नई डेड लाइन - जून 2015 तक
सूरत-ए-हाल - अब तक बने सिर्फ तीन पिलर
हरिद्वार-पावंटा साहिब हाईवे पर स्थित बल्लूपुर चौक पर बन रहे फ्लाईओवर का निर्माण इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड कर रही है। बीते साल सितंबर से कार्य शुरू करने के बाद कंपनी अब तक सिर्फ तीन पिलर ही बना पाई है। रविवार को यहां न मजदूर काम करते दिखे और न मशीनें। मौके पर केवल तीन पिलर बने दिखे और सरियों के दो जाल खड़े हैं।
बल्लीवाला चौक फ्लाईओवर: अधिग्रहण में अटका काम
लंबाई - करीब 770 मीटर
लागत : 22.28 करोड़ रुपए
काम की शुरुआत - सितंबर 2013
पुरानी डेड लाइन - 31 अक्तूबर 2014
नई डेड लाइन - जून 2015 तक
सूरत-ए-हाल - अब तक मामूली खुदाई
जमीन अधिग्रहण पूरा नहीं होने से बल्लीवाला चौक फ्लाईओवर का काम ठप है। डीएम स्तर से आदेश और आंदोलन के बावजूद न जमीन का अधिग्रहण पूरा हो सका और न काम। सितंबर 2013 में निर्माण एजेंसी इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड ने काम शुरू किया जो कुछ दिन बाद रुक गया। मार्च-अप्रैल में कुछ दिन काम हुआ, उसके बाद से बंद है। रविवार को मौके पर मामूली खुदाई ही नजर आई। काम पूरी तरह ठप है।
कंपनी की अंदरूनी समस्या से बल्लूपुर चौक पर काम रुका है। बल्लीवाला चौक पर अधिग्रहण का मसला है। एक-दो दिन में बैठक होनी है। कंपनी को वक्त पर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए जाएंगे।
- हरिओम शर्मा, मुख्य अभियंता क्षेत्रीय कार्यालय लोनिवि
आईएसबीटी फ्लाईओवर : 25 मजदूर कर रहे काम
लंबाई - सवा एक किलोमीटर
लागत- करीब 48 करोड़ रुपए
काम की शुरुआत- अक्तूबर 2013
पुरानी डेड लाइन- दिसंबर 2014
नई डेड लाइन - जून 2015 तक
सूरत-ए-हाल- अब तक सिर्फ दो पिलर
सहारनपुर से बिना जाम में फंसे वाहनों को सीधे शिमला बाईपास चौक पहुंचने की योजना के साथ बन रहे फ्लाईओवर का निर्माण राष्ट्रीय निर्माण खंड लोनिवि कर रहा है। एक माह पहले तक यहां कोई पिलर नहीं था। अब दो पिलर बन गए हैं। काम ऐसे ही चला तो शायद तय वक्त तक फ्लाईओवर बन जाए। यहां 126 आधार स्तंभ बनने हैं, जिनमें 25 बन चुके हैं। मौके पर रविवार को करीब 25 मजदूर काम करते मिले।
आईएसबीटी पर बन रहा फ्लाईओवर पूरा करने के लिए जून 2015 तक का वक्त दिया गया है। निर्माण में अब तेजी आई है। उम्मीद है कि निर्माण कार्य समय से पूरा हो जाएगा।
- एएस भंडारी, अधिशासी अभियंता एनएच