कृषि भूमि पर नहीं बना सकते मकान
एमडीडीए नक्शा तभी पास करता है, जब भूमि आवासीय हो, लेकिन भू-माफिया गलत तरीके से कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर रहे हैं। इससे प्लाॅट खरीदने वालों को बाद में परेशानी उठानी पड़ती है। कृषि भूमि पर कम कीमत में प्लाॅट बेचे जा रहे हैं। इससे लोग झांसे में आ जाते हैं।
केस एक- ग्राम धर्मावाला में प्रापर्टी डीलरों ने खेती की करीब 100 बीघा भूमि पर प्लाॅटिंग कर दी। एमडीडीए ने जेसीबी चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया। कृषि श्रेणी की भूमि होने के बावजूद यहां पर अवैध प्लाॅटिंग की गई थी। वर्ष 2017-18 में पहली बार यहां कार्रवाई की गई थी। इसके बाद हाल ही में तीसरी बार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
केस दो- शिमला बाईपास पर अलग-अलग स्थानों पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की टीम ने अवैध प्लाॅटिंग को ध्वस्त किया। मेहंदीपुर गांव में 22 बीघा भूमि पर भी अवैध प्लाॅटिंग को ध्वस्त किया गया, शिमला बाईपास रोड पर पांच बीघा में की गई अवैध प्लाॅटिंग पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण किया गया।
अवैध तौर पर काटी जा रही काॅलोनियों पर लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई जा रही है। खरीदारों को भी जागरूक किया जा रहा है कि पंजीकृत काॅलोनी में ही प्लाॅट खरीदें।
- एमएस बर्निया, सचिव, एमडीडीए