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Research: शहरीकरण के कारण लगातार बढ़ रहा देहरादून का तापमान, कंक्रीट का बढ़ता जंगल ठंडक पर भारी

Mon, 09 Feb 2026 11:04 AM IST
रेनू सकलानी विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

कंक्रीट का बढ़ता जंगल देहरादून की ठंडक पर भारी पड़ रहा है। दून विश्वविद्यालय और नेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लैबोरेटरी के अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है।

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देहरादून प्रेमनगर बाजार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देहरादून में गर्मी बढ़ने की बात होती रही है। इस बात की तस्दीक देहरादून विवि और नेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लैबोरेटरी (एनएआरएल) के एक अध्ययन में हुई है। दोनों संस्था के विशेषज्ञों ने देहरादून शहर और मसूरी को लेकर एक तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें पाया गया है कि देहरादून में तापमान प्रभावित होने का संबंध शहरीकरण से जुड़ा है, जबकि मसूरी में शहरीकरण बढ़ने के बाद भी फिलहाल तापमान में बदलाव का संकेत नहीं है।

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दून विवि ने गर्मी के मौसम (मानसून से पहले) के दौरान शहरी संरचना (इमारतें, सड़कें, कंक्रीट क्षेत्र) के तापमान पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने का फैसला किया। दून विश्वविद्यालय के इनवायरमेंट एंड नेचुरल रिसोर्स विभाग के डॉ. उज्ज्वल बताते है कि इस अध्ययन में डब्लूआरएफ माॅडल का इस्तेमाल करते हुए देहरादून (लगभग 640 मीटर ऊंचाई) और मसूरी (लगभग 2005 मीटर ऊंचाई) दो शहरों में शहरीकरण से तापमान में प्रभाव को लेकर अध्ययन किया गया है।

 

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देहरादून में अर्बन स्ट्रक्चर के साथ तापमान होता है प्रभावित
इसके तहत अप्रैल, मई, जून-2021 का समय चुना गया। इसमें माॅडल के जरिए दो तरह की स्थिति को देखा गया है। खेती वाली भूमि, जंगल, एयर फ्लो, सोलर इंसुलेशन के साथ ही पहला सतह तापमान, वातावरण के तापमान को लिया गया। इसके आधार पर क्या तापमान होगा? फिर अर्बन स्ट्रक्चर के साथ क्या तापमान रहेगा? इस माॅडल से पता चलता है कि देहरादून में अर्बन स्ट्रक्चर के साथ तापमान प्रभावित होता है, इसमें देहरादून के मुख्य शहर ऊपर रात के समय 1-2 डिग्री सेल्सियस की गर्माहट आसपास के ग्रामीण इलाके से अधिक देखी गई। शहरी क्षेत्र में गर्म हवा अधिक देर तक बनी रहती है।

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मसूरी में कोई प्रभाव नहीं दिखाई दिया
जबकि इसी माॅडल पर मसूरी पर शहरीकरण के कारण तापमान पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया तो उसमें फिलहाल कोई फर्क नहीं दिखा है। अर्थात मसूरी में फिलहाल शहरीकरण होने के कारण तापमान प्रभावित नहीं हुआ है। डॉ. उज्ज्वल कहते हैं कि जो तापमान जारी होता है, उसमें अगर शहरीकरण पर पड़ने वाले प्रभाव को शामिल नहीं किया जाता है। अगर शहरीकरण के प्रभाव को शामिल किया जाता है, तो उसमें बदलाव दिखाई देता है। इस अध्ययन से जुड़ा पेपर मेटरोलॉजी हाइड्रोलॉजी एंड वाटर मैनेजमेंट रिसर्च पेपर में प्रकाशित हुआ है। इसमें एनएआरएल के विशेषज्ञ विकास सिंह शामिल रहे।

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