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Uttarakhand: अच्छी खबर; भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ेने की तैयारी

Mon, 09 Feb 2026 10:49 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

प्रदेश में 24000 भोजन माताएं कार्यरत हैं। पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत भोजन माताओं को वर्तमान में तीन हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। तीन हजार रुपये मानदेय में 900 केंद्र सरकार एवं सौ रुपये राज्यांश है। इसके अलावा राज्य सरकार दो हजार रुपये अगल से देती है।
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मानदेय - फोटो : Istock
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विस्तार
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प्रदेश में भोजन माताओं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने की तैयारी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विभाग शासन को इस संबंध में प्रस्ताव भेज चुके हैं। वहीं, मध्य क्षेत्र परिषद की पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में हुई बैठक में भी राज्य सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाए जाने का प्रस्ताव रखा गया।

प्रदेश में 40 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं। जो पिछले काफी समय से मानदेय वृद्धि की मांग करती आ रही हैं। केंद्र सरकार की ओर से इन्हें 4500 रुपये और राज्य सरकार की ओर से हर महीने 4800 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से इनका मानदेय बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है।

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सरकार की ओर से इसके लिए प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बंशीलाल राणा के मुताबिक विभाग आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय के संबंध में शासन को अपनी रिपोर्ट दे चुका है। जिसमें बताया गया है कि केंद्र व राज्य सरकार इन्हें कितना मानदेय दे रहे हैं।

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प्रदेश में 24000 भोजन माताएं कार्यरत

इसके अलावा अन्य राज्यों में इन्हें कितना मानदेय मिल रहा है। वहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में 24000 भोजन माताएं कार्यरत हैं। पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत भोजन माताओं को वर्तमान में तीन हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है। तीन हजार रुपये मानदेय में 900 केंद्र सरकार एवं सौ रुपये राज्यांश है। इसके अलावा राज्य सरकार दो हजार रुपये अगल से देती है।

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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इनके मानदेय के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और भोजन माताओं के मानदेय के साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का भी मानदेय बढ़ाया जाएगा। राज्य में 12000 आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं।
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