प्रभारी एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि हत्यारोपी कांवली रोड निवासी सिपाही अमित पार्ले हरिद्वार जिले में तैनात था। पुलिस की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि स्नेहलता के करीब आने के लिए अमित पार्ले ने उसके पति किशोर चौहान से भी नजदीकी बढ़ा ली थी। लेकिन दोनों के बीच चल रहे इस खेल की भनक किशोर चौहान को लग चुकी थी। इस वजह से पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा था। इसलिए स्नेहलता और अमित पार्ले ने आठ जून को एक होटल में मिलकर किशोर चौहान को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 15 जून की रात शिक्षक किशोर चौहान, स्नेहलता और सिपाही अमित पार्ले एक ही कार में घर से निकले।
कार स्नेहलता चला रही थी। स्व. अतुल माहेश्वरी चौक के निकट स्नेहलता कार से उतर गई। इसके बाद सिपाही अमित पार्ले, किशोर चौहान को रायपुर स्थित रिंग रोड ले गया और वहां गला दबाकर शिक्षक की हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी सिपाही किशोर का पर्स अपने साथ ले गया। पुलिस को शिक्षक का शव 16 जून को मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आई थी।
पुलिस कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामले की तह तक पहुंचने में कामयाब रही। जिस दुकान से फर्जी आईडी पर सिम खरीदे गए थे, उनकी भी तफ्तीश की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने हत्या की बात कुबूल की है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि दोनों ने शारीरिक संबंध भी बनाए और किशोर की अत्यधिक शराब पीने की लत से परेशान होकर उसे रास्ते से हटाने का षड़यंत्र रचा था।
दोनों बच्चे ननिहाल में रहेंगे
हत्यारोपी स्नेहलता और मृत शिक्षक किशोर चौहान के दो बच्चे हैं। गिरफ्तारी के बाद महिला ने अपने दोनों बच्चों को किशोर के परिवार के पास न छोड़ने की मांग की। लिहाजा अब दोनों बच्चे अपने ननिहाल में रहेंगे। उधर, किशोर चौहान के परिवार का आरोप है कि मुकदमा दर्ज कराने पर आरोपी पक्ष की ओर से उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्हें कहा जा रहा है कि या तो मुकदमा वापस लो नहीं तो एक परिवार के साथ दूसरा परिवार भी बर्बाद कर दिया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में शिकायत पुलिस से भी की है।