इसी बीच शाश्वत गर्ग परिवार के साथ देश से बाहर भाग गया है। ऐसे में अब इलाके में सर्किल रेट भी बढ़ चुके हैं। अब रजिस्ट्री होगी तो अनावश्यक रूप से स्टांप ड्यूटी आदि के रूप में खरीदारों को अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
आशंका यह भी है कि शाश्वत गर्ग का साथी अतुल गर्ग इन फ्लैट की रजिस्ट्री किसी और के पक्ष में भी कर सकता है जो कि रेरा अधिनियम की धारा 11, 14 व 17 का खुला उल्लंघन होगा। ऐसे में रेरा ने इन मामलों में यथास्थिति बनाए रखते हुए खरीद बिक्री पर रोक लगा दी है। उन्होंने जिला निबंधक और सभी उप निबंधकों को इन फ्लैट की रजिस्ट्री संपादित करने पर रोक संबंधी आदेश भी दिए हैं।