एक बच्चे के अभिभावक मनु गौर ने बताया कि इसके बाद सभी अभिभावकों ने स्कूल संचालक से बात की और मान्यता के लिए कहा। लेकिन आश्वासन के बाद भी स्कूल संचालक की ओर से रजिस्ट्रेशन में लापरवाही बरती और बार-बार अभिभावकों को गुमराह किया गया। जिससे रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख भी चली गई। बताया कि 15 बच्चों ने इस संबंध में हाईकोर्ट में गुहार लगाई। जिसके बाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी और स्कूल संचालक को तलब किया है।
जिलाधिकारी को इस संबंध में पूरी रिपोर्ट आज कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है। अभिभावक मनु गौर ने बताया कि स्कूल के झूठ की वजह से उनके बच्चों का एक साल बर्बाद हो सकता है। बताया कि आज कोर्ट के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, स्कूल संचालक राकेश ओबरॉय ने कहा कि बच्चों के अभिभावकों को चिंता की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड ने स्कूल के प्रधानाचार्य की योग्यता पर सवाल उठाए हैं और रजिस्ट्रेशन को होल्ड कर रखा है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही बोर्ड इस पर आवश्यक कार्रवाई करेगा। कहा कि कोर्ट जो भी आदेश देगा, उसका पालन किया जाएगा।