बता दें कि विक्रम और प्रिंस पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। इनमें आरोपी विक्रम सात साल से दिल्ली में पंजाबी रसोई में ड्राइवर था। घटना से दो माह पहले ही वह यहां से काम छोड़कर चला गया। उसने बताया था कि उसकी मां की तबीयत खराब है।
लेकिन, वह इस गैंग में शामिल हो गया। अगस्त में वह दो साथियों के साथ दिल्ली के इस फ्लैट में आया था। इसके बाद दो नवंबर को रोहिणी स्थित फ्लैट में आकर रहने लगा। यहां से सात नवंबर को घटना करने के लिए हरिद्वार पहुंचा। घटना करने के बाद 10 नवंबर की सुबह दिल्ली और फिर शाम को बिहार चला गया।