आरोप है कि यह साजिश उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर पांच करोड़ रुपये की अवैध मांग करने और 2.50 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता वसूलने के लिए की गई है। ईशा भगत ने अपने सहयोगियों डॉ. संजय चौधरी के साथ मिलकर फर्जी ओपीडी पर्चियां तैयार कीं और इनका इस्तेमाल पुलिस और अदालत को गुमराह करने के लिए किया।
सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर ने इन आरोपों की गहन जांच की मांग की है और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एसओ ने बताया कि मामले में इस शिकायत के साथ सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर ने 168 पन्नों के कुछ दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं।