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देहरादून रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा: अधिवक्ता विरमानी ने दी सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी, अभियोजन ने मांगा समय

Wed, 20 Sep 2023 07:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

गत 15 जुलाई को रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। एसआईटी ने इसकी जांच शुरू की तो शुरूआत से ही कुछ अधिवक्ता पुलिस के राडार पर आ गए।
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अधिवक्ता कमल विरमानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद अब अधिवक्ता कमल विरमानी ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की है। इस पर सुनवाई के वक्त अभियोजन ने कोर्ट से समय मांगा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी। विरमानी गत 27 अगस्त से सुद्धोवाला जेल में बंद है।

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गत 15 जुलाई को रजिस्ट्री फर्जीवाड़े में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। एसआईटी ने इसकी जांच शुरू की तो शुरूआत से ही कुछ अधिवक्ता पुलिस के राडार पर आ गए। इनमें से अधिवक्ता इमरान को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। जबकि, 27 अगस्त को पुलिस वरिष्ठ अधिवक्ता कमल विरमानी तक भी पहुंच गई।

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विरमानी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की गई। इसमें कई तथ्यों का खुलासा हुआ। विरमानी ने निचली अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की थी। अभियोजन ने इसका विरोध किया और विरमानी की दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी।

अदालत ने जमानत खारिज करते हुए विरमानी की दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी थी। पुलिस ने विरमानी के घर, दफ्तर और चेंबर में खोजबीन की। इस दौरान कई दस्तावेज और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क कब्जे में ली गई। अब विरमानी ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप पंत की अदालत में जमानत अर्जी लगाई थी।
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अदालत में बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई, लेकिन अभियोजन ने तथ्य जुटाने के लिए तीन दिन का समय मांगा। अदालत ने अभियोजन के तर्कों को स्वीकार करते हुए 23 सितंबर तक का समय दे दिया।

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