देहरादून की प्रकृति को एंटीगुआ (वेस्टइंडीज) में सम्मान मिला है। प्रकृति ढौंडियाल वहां विशेष बच्चों को पढ़ाती हैं।
बेहतर तरीके से कार्य करने पर एजुकेशन मिनिस्ट्री की ओर से उन्हें बेस्ट टीचर का अवार्ड दिया गया। प्रकृति ने बताया कि धर्मपुर में उनका मायका है। उनके पिता जगदीश प्रसाद जुयाल एनआईवीएच में लेक्चरार पद से रिटायर्ड हुए हैं। पिता को देखकर ही उनके मन में विशेष बच्चों की सेवा करने का जज्बा पैदा हुआ। खुड़बुड़ा में प्रकृति का ससुराल है।
प्रकृति ने बताया कि यहां दून कैंब्रिज में पढ़ाने के बाद वह वेस्टइंडीज चली गई थी। 6 साल से वह विशेष बच्चों को पढ़ा रही हैं। बताया कि 25 स्कूलों ने अपने-अपने शिक्षकों के नाम हर साल मिलने वाले इन अवार्ड के लिए भेजे थे।
जिनमें से दस को चुना गया। बोलीं ‘भारत की मैं अकेली शिक्षिका हूं, जिसे यह अवार्ड दिया गया। एजुकेशन ऑफिसर प्रिंगल ने मुझे बेस्ट टीचर का अवार्ड दिया।’
अपने हिसाब से बढ़ने देते हैं बच्चों को
प्रकृति ने बताया कि भारत और वेस्टइंडीज में विशेष बच्चों की एजुकेशन में बेहद अंतर है। यहां हर छोटी-छोटी बात पर अभिभावक यही कहते हैं कि इसके बस का नहीं है और खुद हर कार्य में हस्तक्षेप करने लगते हैं।
जबकि वहां ऐसा नहीं है। बच्चों को उनके हिसाब से काम करने और आगे बढ़ने देते हैं। बच्चा सही करे या गलत, उसके किसी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करते।
खुशी सेलीब्रेट करेंगी
प्रकृति ने बताया वह मुंबई पहुंच गई हैं और 24 सितंबर तक दून पहुंचेंगी। मायके और ससुराल पहुंचकर अवार्ड की खुशी सेलीब्रेट करेंगी। बोलीं पापा अवार्ड मिलने से बेहद खुश हैं।