उन्होंने कहा कि युवती के शरीर में जिन स्थानों पर धब्बे और खून के निशान थे, उसे देखते हुए युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की आशंका है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाक्टरों ने इस कॉलम में कुछ नहीं लिखा। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में उनकी पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था, डीएम और एसएसपी से बात हुई है।
उन्होंने पुलिस से कहा कि मामले में दुष्कर्म की भी धाराएं लगाकर ठीक से जांच की जाए। डॉ.स्वराज ने इस दौरान मृतक की मां को प्रथम किस्त के रूप में चार लाख 12 हजार का चेक दिया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने मृतका की मां को नौकरी, हर महीने पांच हजार रुपये पेंशन और घर बनाकर देने का भी आश्वासन दिया है।
मीडिया से वार्ता के दौरान अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, पार्षद बीना रतूड़ी, डॉ.ललिता प्रसाद, रीना गोयल, सोबन सिंह कोहली आदि मौजूद रहे।